आजमगढ़। तालाबों और पोखरों को अतिक्रमण से बचाने के लिए उनका विवरण आनलाइन किया जाना है। इस काम में लापरवाही बरतने पर जिले के चार तहसीलदारों का जिलाधिकारी राजेश कुमार ने वेतन रोक दिया है।
सरकार नेे तालाबों और पोखरों को अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान 19 नवंबर 2020 में शुरू किया था। इसके तहत में भी अभियान चलाया गया। जनपद में कुल तालाबों और पोखरों की संख्या 57000 है। इन पोखरों पर अतिक्रमण की स्थिति का पता लगाने के लि शासन स्तर से पोखरों का डाटा फीड करने का निर्देश दिया गया है। सभी तहसीलदारों को अपने स्तर से यह काम कराना है। जिले की चार तहसीलों में डाटा फीडिंग की स्थिति बहुत खराब है। कई बार पत्र जारी होने के बाद भी तहसीलदारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इस पर डीएम राजेश कुमार ने इन तहसीलों के तहसीलदारों का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। जिन लोगों का वेतन रोका गया है उसमें निजामाबाद, फूलपुर, बूढ़नपुर और सगड़ी के तहसीलदार शामिल हैं।
सदर और लालगंज की स्थिति सबसे अच्छी
आजमगढ़। अब तक तहसीलों द्वारा तालाबों और पोखरों की जो सूची फीड की गई है। अगर उस पर नजर डालें तो सदर और लालगंज में फीडिंग का कार्य सबसे अच्छा है। फीडिंग के इस कार्य में सबसे फिसड्डी सगड़ी तहसील है। वहीं दूसरा नंबर फूलपुर तहसील का आता है।
शासन की ओर से तालाबों और पोखरों को अतिक्रमणमुक्त करने का अभियान चलाया गया है। इसकी वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए तहसीलों को डाटा फीड करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन चार तहसीलों की स्थिति खराब मिली जिसके कारण इन तहसीलों के तहसीलदारों का वेतन रोक दिया गया है।
राजेश कुमार, डीएम