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आजमगढ़ सिलिंडर विस्फोट: मृतकों की संख्या हुई तीन, झुलसे बालक ने वाराणसी में इलाज के दौरान तोड़ा दम

Wed, 29 Sep 2021 03:15 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

आजमगढ़ के शंघईपुर जोगियाना गांव में शुक्रवार रात लालमन के घर पर खाना बनाते समय सिलिंडर फट गया था। घटना में दो घरों की छत गिर गई। 14 लोग घायल हुए थे। तीन लोगों की मौत अब तक हो चुकी है। 
 
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सिलिंडर विस्फोट के बाद घर का नजारा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के आजमगढ़ जिले के शंघईपुर जोगियाना गांव में पांच दिन पूर्व हुए सिलिंडर विस्फोट की घटना में मृतकों की संख्या बढ़ कर तीन हो गई है। हादसे में झुलसे एक बालक ने बुधवार सुबह वाराणसी में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी मौत की सूचना घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया है। वहीं सिलेंडर विस्फोट में आग से झुलसे 10 से ज्यादा लोगों का  इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।
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निजामाबाद थाना क्षेत्र के शंघईपुर जोगियाना गांव में बीते 24 सितंबर को लालमन की बहू साधना पत्नी गुल्लू शुक्रवार की शाम करीब छह बजे रसोई गैस के चूल्हे पर खाना बना रही थीं। इसी दौरान गैस रिसाव के कारण सिलिंडर में आग लग गई। जब तक वह कुछ कर पाती सिलिंडर फट गया।

 घटना में लालमन समेत पड़ासी के घर की छत ढह गई थी। वहीं कुल 14 लोग आग में झुलसे थे। घायलों में से 12 लोगों को जिला अस्पताल लाया गया जहां से अस्पताल प्रशासन ने पांच गंभीर लोगों को हायर सेंटर रेफर कर दिया। वहीं शेष सात लोग स्वयं अस्पताल की व्यवस्था से खिन्न होकर अन्य अस्पतालों में चले गए।
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वाराणसी ले जाते समय 45 वर्षीय मैसर की गंभीरपुर पहुंचने पर मौत हो गई थी। वहीं घटना में गंभीर रूप से झुलसे 45 वर्षीय आकुर पुत्र मोहम्मद ने मंगलवार को इलाज के दौरान वाराणसी में दम तोड़ा था। मृतकों का आकड़ा यहीं नहीं थमा।

बुधवार को 15 वर्षीय सैफ पुत्र इस्लाम ने भी वाराणसी में ही इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सिलिंडर विस्फोट में तीसरी मौत की सूचना घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पूर्व प्रमुख इसरार अहमद मृतक का शव लेने परिजनों के साथ वाराणसी पहुंचे हैं।
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सुबह तक उठा रहा था धुआं

जिस घर में सिलिंडर विस्फोट हुआ था, वह दो तरफ से बरसात के पानी से घिरा हुआ है। इसके चलते घटना वाली रात मलबा हटाने में दिक्कत हुई। देर रात तक घायलों को खोज कर अस्पताल भेजा जाता रहा था। शनिवार जब सुबह हुई तो घटना की भयावहता का अंदाजा हुआ। लालमन के मकान में एक स्थान पर सुबह तक धुआं उठा रहा था। ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई थी। लालमन और पड़ोसी शहबाज का मकान खंडहर में तब्दील हो गया है।

 
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