आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की एक टीम ने शुक्रवार को फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के मामले में आजमगढ़ में तीन ठिकानों पर छापा मारा। एटीएस की टीम ने एक महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आजमगढ़ के कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
आरोपियों की पहचान आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाने के अकबेलपुर, सेबटा के शिवानंद, कोतवाली थाने के कोल पांडेय की अनीता यादव और निजामाबाद थाने के बड़ेगांव फक्कनपुर के आनंद यादव उर्फ नन्हें के रूप में हुई है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों के करीबियों की भूमिका की एटीएस जांच कर रही है।
यूपी एटीएस को सूचना मिली थी कि प्रदेश के पूर्वी जनपदों में कुछ लोग सिंडिकेट बनाकर नागरिक पंजीकृत प्रणाली (सीआरएस) पोर्टल पर अधिकृत आईडी का दुरुपयोग कर रहे हैं। इस तरह से वह लोग बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर तगड़ा पैसा कमा रहे हैं।
इस सूचना को विकसित किया गया तो पता लगा कि आजमगढ़ में एक सिंडिकेट सक्रिय है जो फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बना रहा है। इसी आधार पर छापा मार कर तीनों आरोपियों से पूछताछ और फिर उनकी गिरफ्तारी की गई।
एसटीएस ने शिवानंद से पूछताछ कर उसके मोबाइल को खंगाला। पता लगा कि फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले सिंडिकेट की मुखिया सीएमओ कार्यालय में काम करने वाली संविदा कर्मी अनीता यादव है। अनीता सीआरएस पोर्टल की जनपदीय एडमिन आईडी का दुरुपयोग कर कुछ नए और कुछ मौजूदा ग्राम सचिव की आईडी में फेरबदल कर अपने सिंडिकेट के लोगों को दे देती थी।