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जल स्तर गिरा, परेशानियां बरकरार, प्रशासन की मदद का इंतजार

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कीचड़ से होकर गुजरती बालिकाएं - फोटो : AURAIYA
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औरैया। यमुना का जलस्तर बुधवार शाम सात बजे तक 112.99 मीटर रहा जो खतरे के निशान 114 मीटर से कम है। सभी बाढ़ प्रभावित 24 गांवों से पानी उतर गया है। अब खेतों में ही पानी भरा है। लोग गांवों की ओर लौट रहे हैं लेकिन उन्हें राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। गांव में बिजली न होने से अंधेरा है। कीचड़ और गंदगी के कारण बदबू और सड़ांध से लोगों का बुरा हाल है। संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका है।
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करीब एक सप्ताह से सिकरोड़ी, अस्ता, नौरी, जुहीखा, बीझलपुर और क्योंटरा समेत कई गांवों के लोग बाढ़ की विभीषका से जूझ रहे थे। इन गांवों में बाढ़ का पानी कम होने से लोग गांवों की ओर रुख तो करने लगे, लेकिन मुसीबतें कम होती नजर नहीं आ रही है। गांव में बिजली, पानी का संकट गहरा गया है। कुएं और हैंडपंप का पानी पीने लायक नहीं बचा है। बाढ़ के कारण कई गांवों की बिजली काट दी गई थी, जो अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। गांव के लोगों के मोबाइल डिस्चार्ज पड़े हैं। जिससे वह अपने रिश्तेदारों से संपर्क भी नहीं कर पा रहे है। प्रशासन से मदद का इंतजार है।
पूरे गांव की नाली जाम
सदर ब्लाक के क्टोटरा गांव की नाली जाम है। ऐसे समय में सफाई के नाम पर दो सफाई कर्मियों की तैनाती कर खानापूरी की जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तो निकलना भी मुश्किल है।- बाबू जी
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बाढ़ से खेती-किसानी चौपट
बाढ़ उनके लिए किसी आफत से कम नहीं है। पांच बीघा तिली, एक बीघा बाजरा बाढ़ में बर्बाद हो गया है। घर में रखा दो क्विंटल गेहूं भी भीग गया है। - भूरे लाल, निवासी क्टोटरा
गृहस्थी तबाह
मेहनत मजदूरी करके गुजर बसर करते हैं। बाढ़ से पक्के मकान का एक कमरा ढह गया है। भूमिहीन है। अनाज व गृहस्थी बर्बाद हो गई है।- मीरा देवी
बलकट की खेती चौपट
बलकट पर चार बीघा खेती ली थी, जो बाढ़ में पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। गृृहस्थी भी नहीं बची। - गायत्री
आज से क्योंटरा में चलेगा सफाई अभियान
सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत क्योंटरा में 40 सफाई कर्मियों की टीम बाढ़ प्रभावित हिस्से में गुरुवार से सफाई के लिए लगाई जाएगी। इसके लिए बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं।- अनिल कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
फोटो 11 एयूआरपी 19 - बाढ़ आपदा पीड़ितों के लिए खाना बनाती परिषदीय विद्यालय की रसोइया। संवाद
मानदेय न मिलने के बाद भी रसोइयों में मदद का जजबा
औरैया। बाढ़ के समय नाश्ता व खाना बनाने वाली परिषदीय विद्यालय की आधा दर्जन रसोइयां व्यथित हैं। उनका कहना है कि सभी को आपदा में कुछ न कुछ राहत मिल रही है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात सुनीता देवी, किरन देवी, शकुंतला, मीरा देवी, नीतू देवी, शशि देवी ने बताया कि एक साल से मानदेय नहीं मिला है। बाढ़ आपदा राहत में बीईओ को बताया था, लेकिन वह बीआरसी पर आने की बात कहकर चले गए। इस संबंध में बीएसए चंदना राम इकबाल ने बताया कि सभी रसोइयों का मानदेय जा रहा है। इस संबंध में वह जानकारी करेंगी।
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