औरैया। बदलते मौसम में बीमारियां बढ़ रहीं हैं। इसके साथ अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। मंगलवार को जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी और पीएचसी पर एक हजार से अधिक मरीजों ने जांच कराई। वहीं एरवाकटरा क्षेत्र में युवक की बुखार से मौत हो गई।
मंगलवार को 50 शय्या जिला अस्पताल में 418 मरीजों को चिकित्सकों ने देखा। दो गंभीर मरीजों को भर्ती किया गया। सीएमएस डॉ. पीके कटियार, डॉ. शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि 60 फीसदी से अधिक मरीज बुखार से पीड़ित हैं। जबकि अन्य मरीज खांसी, जुकाम, दस्त, शरीर में दर्द, कमजोरी के हैं। चिकित्सकों की मानें तो मौसम में परिवर्तन के दौरान बरती जा रही लापरवाही बीमार कर रही है। अन्य सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी मरीजों की भीड़ रही।
उधर एरवाकटरा निवासी अफसर अली (38) पुत्र इशाक अली को बुखार आने पर परिजन सोमवार शाम सैफई ले गए थे। जहां पर डाक्टरों ने डेंगू होने की बात कही। हालांकि जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। मृतक के पिता व भाई ने बताया कि कई लोग डेंगू ग्रसित बताए जा रहे हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर मोहित यादव ने लोगों से अपील की हल्का बुखार आने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराए।
मरीजों का आंकड़ा
50 शय्या जिला अस्पताल - 418
100 शय्या जिला अस्पताल - 158
सातों सीएचसी - 350
पीएचसी - 25
अरबन (प्राथमिक स्वास्थ्य) - 252
उपचार कर निशुल्क दवाएं दीं
अयाना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अयाना से चिकित्सकों की टीम मंगलवार को पन्हर गांव पहुंची। 31 मरीजों का उपचार कर निशुल्क दवाएं दी गईं। टीम ने सफाई के प्रति जागरूक कर बीमारियों से बचाव के उपाय बताए। टीम में डॉ. पंकज बाबू, सौरभ, ब्रजेश सिंह मौजूद रहे। डॉ. पंकज ने बताया कि गांव में 58 ग्रामीणों की कोविड की जांच की गई। 31 के आरटीपीसीआर के सैंपल लिए गए। (संवाद)
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं हैं। बेहद सावधानी की जरूरत है। मौसम परिवर्तन के दौरान बीमारियां जन्म लेतीं हैं। अस्पतालों में भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में टीमें जा रहीं हैं। किसी भी गांव में बीमारी फैलने की सूचना नहीं हैं।