दैनिक यात्रियों की लाइफ लाइन गोमती एक्सप्रेस फफूंद में खड़ी होने के कारण अधिकतर यात्री उतरकर सड़क मार्ग से गंतव्य की ओर रवाना हो गए। यात्री ट्रेन से उतरकर ऑन ड्यूटी स्टेशन मास्टर से पूछताछ करते दिखे।
रेलवे प्रशासन ने देर रात तक ट्रैक बहाल होने की उम्मीद जताई है। फफूंद स्टेशन अधीक्षक अर्जुन सिंह ने बताया कि ट्रैक बहाल होते ही ट्रेन यातायात शुरू कर दिया जाएगा।
गर्मी व भूख से बेहाल हुए यात्री
महाबोधि एक्सप्रेस के इंजन से सांड़ टकराने के चलते डाउन लाइन पर खड़ी हुई ट्रेनों में सवार यात्रियों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। स्टेशन से पहले खड़ी हुई महाबोधि एक्सप्रेस व विक्रमशिला एक्सप्रेस में सवार यात्री भूख-प्यास से परेशान रहे। खमहैला अंडरपास के पास महाबोधि एक्सप्रेस के यात्रियों को गांव के लोगों ने पानी पिलाया। यात्रियों ने गांव की छिटपुट दुकानों से बिस्किट आदि लेकर भूख शांत की।
वहीं झींझक स्टेशन से कुछ दूर पर खड़ी विक्रमशिला एक्सप्रेस के यात्री प्लेटफार्म के आसपास लगी दुकानों पर खाने-पीने का सामान खरीदते नजर आए।जानकारी के अनुसार अक्षयवट आश्रम के पास खड़ी विक्रमशिला एक्सप्रेस को झींझक स्टेशन की लूप लाइन पर 11 बजकर 10 मिनट पर खड़ा किया गया लेकिन वहां स्टेशन कार्यालय में घुसकर यात्रियों ने हंगामा किया। इसके बाद यात्रियों को सूचित किया गया कि एक तार कसा जा चुका है। काम जारी है। अभी करीब डेढ़ घंटे का समय और लगेगा।
बिहार संपर्क क्रांति में सवार यात्री गया बिहार निवासी यदुनाथ ने बताया कि दिल्ली से घर जा रहे थे। कई घंटे ट्रेन खड़ी रहने से गर्मी के चलते महिलाओं व बच्चों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। बनारस निवासी अमित ने बताया कि दिल्ली से वह भी घर जा रहे थे। काफी देर तक ट्रेन खड़ी रहने के कारण प्लेटफार्म पर भी खानपान की सामग्री बिक गई।
वेंडरों ने मनमाने दाम पर बेचा सामान
सांड़ की टक्कर से क्षतिग्रस्त हुई ओएचई लाइन की मरम्मत के चलते खड़ी हुई ट्रेनों के यात्रियों को चाय-समोसा के लिए मनमाने दाम चुकाने पड़े। मौके को देखते हुए झींझक स्टेशन पर वेंडरों ने भी आमतौर पर पांच रुपये मेें बिकने वाली चाय व समोसा को दस से पंद्रह रुपये तक में बेचा। मजबूरी मेें यात्री भी जेब ढीली करने को मजबूर रहे।