औरैया। गांवों के ओडीएफ होने के बाद पंचायत राज विभाग ने ओडीएफ प्लस की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। इससे जहां गांवों की स्वच्छता बेहतर होगी, वहीं ग्राम पंचायतों की आमदनी भी शुरू हो जाएगी।
इसके तहत गांवों में कूड़ा निस्तारण का इंतजाम होगा, जहां जैविक व प्लास्टिक कूड़े को अलग-अलग किया जाएगा। इसमें जैविक कूड़े से खाद बनाई जाएगी, जबकि प्लास्टिक और अन्य पदार्थों को बेच दिया जाएगा। इससे मिलने वाले रुपये भी गांवों के विकास पर खर्च होंगे। ग्राम पंचायतों में किस प्रकार ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के जरिये अपनी आय बढ़ा सकती हैं, इसका मूलमंत्र उन्हें समझाया जाएगा।
सरकार की ओर से ओडीएफ प्लस अभियान को स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ा गया है। अब तक स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) गांव शामिल थे, लेकिन अब गांव की गंदगी को गांव में निस्तारित करने का फार्मूला ओडीएफ प्लस गांव के जरिए दिया है।
इसके तहत हर घर के गंदे पानी को सही निस्तारण, गीले व सूखे कचरे के जरिये जैविक खाद बनाना, हर घर शौचालय का शत-प्रतिशत उपयोग, गांव में गोवर्धन योजना लागू कर पशुओं के गोबर उत्पाद बनाना जैसे कार्य कराए जाएंगे। गांव को प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा। जिले की 477 ग्राम पंचायतों में पहले चरण में 20 ग्राम पंचायतों के 28 राजस्व गांवों का चयन किया गया है।
जिले को ओडीएफ घोषित कराने के बाद अब ओडीएफ प्लस बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके तहत हर गांव में सामुदायिक शौचालय और हर गांव में कूड़ा निस्तारण का इंतजाम होगा। पहले चरण में 20 ग्राम पंचायतों के 28 गांवों को शामिल किया गया है। इन गांवों में कूड़ा निस्तारण का इंतजाम होगा। इससे ग्राम पंचायतों की आय भी शुरू होगी, जिसे गांव के विकास में खर्च किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा -संदीप कुमार वर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी