रुरुगंज। बिधूना कोतवाली क्षेत्र के गांव रुरुखुर्द निवासी राम गोविंद उर्फ मुन्ना ने रविवार को कुदरकोट थाना में तहरीर देते हुए बताया कि कुदरकोट के होरी मोहल्ला में एक झोलाछाप क्लीनिक किए हुए हैं। 15 अगस्त को वह अपनी पत्नी करिश्मा व पड़ोसी रानी और अरविंद के साथ अपनी ढाई वर्षीय बेटी पलक का टाइफाइड बुखार का उपचार कराने क्लीनिक पर पहुंचे थे।
इस दौरान झोलाछाप ने बेटी पलक को बोतल लगाते हुए ड्रिप लगा दी। ड्रिप लगते ही बेटी पलक की हालत बिगड़ने लगी। झोलाछाप से बेटी की स्थिति बताने पर उसने एक और दवा खिला दी। घर पहुंचे तो बेटी की हालत खराब होती गई। शुक्रवार सुबह तड़के परिजन पलक को लेकर चिचौली अस्पताल पहुंचे। जहां से चिकित्सकों ने रेफर कर दिया।
कानपुर पहुंचने पर उन्होंने एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने बेटी पलक को मृत घोषित कर दिया। पलक की मौत के बाद परिजन शव लेकर घर पहुंचे और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। पलक की मां करिश्मा सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। थानाध्यक्ष पूजा सोलंकी ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। उसके बाद झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।