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दुष्कर्म पीड़िता ने बच्ची को दिया जन्म, नाम रखा शक्ति

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औरैया। शादी का झांसा देकर प्रेमी ने शारीरिक शोषण किया और गर्भवती होने पर छोड़ दिया। बदनामी के डर से गर्भावस्था के नौवें महीने में परिजनों ने भी मुंह मोड़ दिया। ऐसे में महिला थाने की पुलिस सहारा बनी। दुष्कर्म पीड़िता ने मंगलवार सुबह एक बेटी को जन्म दिया। पुलिस ने अपनों की बेरुखी से गमगीन पीड़िता को संबल देते हुए हर प्रकार की सहायता की। दवाइयों से लेकर पौष्टिक खाने की व्यवस्था की। बेटी के जन्म लेने पर उसके लिए नए कपड़े उपहार में दिए और महिला सशक्तीकरण के लिए चल रहे मिशन शक्ति पर बच्ची का नाम रखा ‘शक्ति’। पुलिस की ओर से बेटी को मिले प्यार को देख मां की आंखें भी भर आईं।
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सदर कोतवाली क्षेत्र की एक युवती का प्रेमी ने शादी का झांसा देकर एक साल तक शारीरिक शोषण किया। गर्भवती होने के बाद भी शादी का आश्वासन देता रहा। अगस्त में प्रसव का समय करीब आने पर प्रेमी ने उसे ठुकरा दिया। मिन्नतों के बाद भी प्रेमी नहीं माना तो युवती के पिता ने सिखौला निवासी विकास के खिलाफ महिला थाने में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई। बात समाज में आने पर बदनामी के डर से परिवार ने भी युवती से मुंह मोड़ लिया। बेसहारा गर्भवती को महिला थाने की पुलिस ने सहारा दिया। उसे 20 अगस्त को 50 शय्या अस्पताल में भर्ती कराया। महिला थानाध्यक्ष संगम भदौरिया और उनकी टीम ने दवाइयों, फल समेत सभी जरूरी सामान उपलब्ध कराया। प्रसव के दौरान युवती को अपनों की कमी महसूस नहीं होने दी। मंगलवार सुबह लगभग 10.30 बजे युवती ने बच्ची को जन्म दिया।
पुलिसकर्मी बच्ची के लिए कपड़े आदि लेकर अस्पताल पहुंचीं। बच्ची को कपड़े देने की रस्म पूरी की। बच्ची को नई तौलिया में लपेटा और गोद में लेकर प्यार-दुलार के साथ आशीर्वाद दिया। पुलिसकर्मियों ने बेटी को शक्ति नाम दिया। खुद को सहारा और नवजात बेटी को मिले प्यार को देखकर युवती की आंखें खुशी से भर गईं। युवती ने कहा कि सपने में भी नहीं सोचा था कि सबसे बड़ी खुशी में अपने बेगाने हो जाएंगे। उसने कहा कि बेटी शक्ति को खूब पढ़ाएगी और देश सेवा के लिए एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी बनाएगी। (संवाद)
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