ककोर। केंद्र सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि की 11वीं किस्त भेज दी गई है। इसके बावजूद कई हजार किसान सम्मान निधि पाने से वंचित रह गए। इनमें वे शामिल है, जिन्होंने निर्देश के बाद भी ई-केवाईसी नहीं कराई। अब विभाग समय बढ़ने के बाद ही ऐसे किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद जता रहा है।
जिले में 2,29,400 किसानों में से सिर्फ 63 प्रतिशत किसानों ने ई-केवाईसी कराई है। केवाईसी कराने के लिए 31 मई की तिथि निर्धारित थी। केवाईसी न कराने पर 84,878 किसान प्रधानमंत्री सम्मान निधि से वंचित रह गए हैं। गरीब कल्याण सम्मेलन के दौरान जनपद के एक लाख 44 हजार 522 किसानों के खाते में सम्मान निधि की 11वीं किस्त भेजी गई है।
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि 37 फीसदी किसानों ने केवाईसी नहीं कराई। जिस कारण से वह 11वीं किस्त पाने से वंचित रह गए हैं। जिन किसानों ने निर्देश का पालन करते हुए केवाईसी कराई थी, उनके खातों में 11वीं किस्त भेज दी गई है। केवाईसी कराने के लिए आगे की तिथि बढ़ेगी या नहीं इस संबंध में अभी कोई आदेश नहीं मिला है। शासन से जो निर्देश मिलेंगे उसका पालन किया जाएगा।
फर्जीवाड़े के बाद घबराने लगे किसान
किसान सम्मान निधि में तमाम ऐेसे लोग शामिल रहे, जो आयकर दाता व सरकारी नौकरी में होते हुए भी योजना का लाभ लेते रहे। इन पर शिकंजा कसते हुए रिकवरी की नोटिस भेजी गई, लेकिन आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। इधर कई किसान ऐसे हैं जो सरकारी झंझट से बचने और विभागीय सवाल जवाब से बचने के लिए किनारा करने लगे हैं। यही कारण रहा कि विभाग के निर्देश और जरूरत के बाद भी तमाम किसानों ने केवाईसी नहीं कराई।