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चोरों ने 22 लाख के जेवर, चार लाख नगद उड़ाए

Sun, 26 Aug 2018 12:29 AM IST
चोरों ने 22 लाख के जेवर, चार लाख नगद उड़ाए
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-मौके पर फिंगर प्रिंट के नमूने लेती फिंगर प्रिंट एक्पर्ट टीम - फोटो : amarujala
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औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ताल्हेपुर में शुक्रवार की रात चोरों ने किसान के घर से 22 लाख के जेवर और चार लाख नगद पर हाथ साफ कर दिया। इस दौरान परिवारीजन घर के बाहर बरामदे में गहरी नींद में सोते रहे। उन्हें चोरी की भनक तक नहीं लगी। सुबह चोरी का पता चलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के साथ पहुंची फोरेंसिक टीम ने मौके से सुबूत जुटाए। क्राइम ब्रांच की टीम ने भी छानबीन की।
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ताल्हेपुर निवासी सीताराम (80) पेशे से किसान हैं। घर में उनके साथ पत्नी गोमती (74), नि:शक्त पुत्र सुनील (28) व बड़े पुत्र दिवंगत रामप्रकाश की पत्नी जयदेवी रहती हैं। शुक्रवार की रात घर के सभी सदस्य बाहर बरामदे में सोए हुए थे। रात में चोर मेन गेेट की कुंडी खोलकर घर में घुस गए। उन्होंने तीन कमरों में रखीं चार अलमारियों से चार लाख रुपये नगद और 22 लाख रुपये के जेवरात पार कर दिए। सुबह जयदेवी की नींद खुली तो उन्हें कमरों में चारों तरफ सामान बिखरा पड़ा मिला। कमरों में रखी अलमारियां खुली थीं। उनमें रखे जेवरात के बॉक्स व कपड़े सहित अन्य सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था। जयदेवी ने शोर मचाते हुए घर के अन्य सदस्यों को जगाया। शोर सुनकर आसपास के घरों से लोग भी आ गए। सूचना पर यूपी 100 के थोड़ी देर बाद कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। एसआई अवनीश कुमार, एसआई मोहम्मद शाकिर क्राइम ब्रांच की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम भी बुला ली गई। टीम ने अलमारी, दरवाजों आदि जगहों से साक्ष्य जुटाए। जयदेवी ने बताया कि घर के दरवाजे में ताला नहीं लगाया था, केवल मेन गेट लोहे की कुंडी से बंद था। चोर कुंडी खोलकर रसोईघर के खुले दरवाजे से अंदर घुसे होंगे। अलमारियों में चार लाख नगद और 22 लाख के जेवरात थे।
जयदेवी के मुताबिक ससुर सीताराम के पांच पुत्रों में एक उनके पति रामप्रकाश थे। तीन पुत्रों का परिवार नौकरियों के चलते बाहर रहता है। पांचवां पुत्र नि:शक्त है जो साथ में रहता है। सभी के जेवर गांव के घर में रखे थे। इसमें सीताराम की एक नातिन के जेवर भी थे। चोरों ने सभी परिवारों के जेवर पार कर दिए। कोतवाली इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि जयदेवी के बेटे आशुतोष की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। छानबीन की जा रही है।
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कार लेने के लिए घर में रखी थी नगदी
शनिवार को जन्मदिन पर आशुतोष को लेनी थी कार
शातिर चोर सोने का पानी चढ़ा चांदी का हार नहीं ले गए
10-10 के नोटों की आठ गड्डियां भी छोड़ीं
अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। ग्राम ताल्हेपुर में हुई 26 लाख की चोरी ने आशुतोष के अरमानों पर पानी फेर दिया। आशुतोष का शनिवार (25 अगस्त) को जन्म दिन था। वह अपने जन्मदिन पर परिवारीजनों को कार का सरप्राइज देने वाला था। दो दिन पहले ही तीन लाख रुपये निकालकर लाया था। जो चोरों ने पार कर दिए। वहीं चोर बेहद शातिर थे। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अलमारी में रखे सोने का पानी चढ़े चांदी का हार छोड़ गए। बड़े नोटों में चार लाख रुपये मिले तो दस-दस रुपये की आठ गड्डियां भी नहीं ले गए।  
किसान सीताराम के पौत्र आशुतोष ने बताया कि वह औरैया जिले के ग्राम हैदरपुर स्थित पॉलीटेक्निक में एकाउंटेंट है। शनिवार 25 अगस्त को उसका बर्थ डे था। उसने कार खरीदने के लिए दो दिन पहले बैंक से तीन लाख रुपये निकाले थे। इसकी जानकारी घर में किसी को नहीं थी। वह सरप्राइज देना चाहता था। चोर सब रुपये उड़ा ले गए। आशुतोष की मां जयदेवी ने बताया कि उनका दूसरा बेटा अवधेश पाल आरईएस लखनऊ में जेई है। पति रामप्रकाश व एक देवर रामपाल का निधन हो चुका है। रामपाल का परिवार गाजियाबाद में रहता है। रजपाल मेरठ में नगर पालिका में जेई हैं। शिशुपाल गाजियाबाद में पुलिस में नौकरी करते हैं। जबकि सबसे छोटा देवर सुनील विकलांग है। उसकी शादी नहीं हुई है। वह गांव में रहता है। सभी का इस पैत्रक मकान में अपना-अपना कमरा है। उन कमरों की अलमारियों में जेवर रखे थे, जिसे चोरों ने पार कर दिया।  
इनसेट---
एक बजे तक नहीं हुई थी कोई घटना
औरैया। घटना के संबंध में जयदेवी बताती हैं कि वह औरैया में रहती हैं। दो दिन पहले गांव आई थीं। त्योहार होने के कारण उन्होंने कल घर की छत की भी साफ-सफाई की। घटना वाली रात को प्यास लगने पर वह रात लगभग एक बजे रसोईघर में पानी लेने गईं थीं। तब तक सब कुछ ठीक था। इसके बाद जब वह सो गई तब किस समय चोरों ने धावा बोला वह नहीं समझ पा रही हैं।  

इनसेट---
मेन गेट से रसोईघर के रास्ते घुसे चोर
औरैया। आशुतोष ने बताया कि संभवत: रसोईघर के गेट की कुंडी बंद नहीं थी। चोर इसी रास्ते अंदर घुसे होंगे और कुंडी बंद करने से होने वाली आवाज से बचने को उन्होंने दरवाजे पर लगे हत्थों को कपड़े से बांधकर गेट बंद किए हैं। यही नहीं ऊपर छत पर जाने वाले दरवाजे भी खुले मिले हैं। ऐसे में लगता है कि चोरी के बाद चोर जीने से छत पर पहुंचे और पड़ोसी की दीवार का सहारा लेकर नीचे कूदकर भाग गए।
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