औरैया। सदर कोतवाली के समर्थपुर में रविवार रात फौजी के घर असलहों से हमलावरों ने धावा बोल दिया। छत पर सो रही फौजी की पत्नी और तीन बेटियों पर हथियारों से वार कर मरणासन्न कर दिया। पास में लेटे बच्चे से जागने पर हमलावर भाग गए। घटना की वजह पता नहीं चल पाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
समर्थपुर में फौजी विजय पाल सिंह का मकान है। वह अमहदनगर महाराष्ट्र में तैनात हैं। परिवार में पत्नी रोली (32), पुत्री निशा (14), क्षमा व छवि व बेटा सुधीर (6) हैं।
रविवार रात सभी दूसरी मंजिल पर सो रहे थे। रात एक बजे के करीब पड़ोसी के निर्माणाधीन मकान के सहारे से छत से आए हमलावरों ने रोली व उनकी तीनों बेटियों पर ताबड़तोड़ कई वार किए। इस दौरान मासूम सुधीर जाग गया तो हमलावर चारों को खून से लथपथ छोड़कर भाग गए। रात दो बजे के करीब सुधीर के रोने पर आसपास के लोग आ गए। उन्होंने सुधीर के पिता विजय सिंह को घटना की जानकारी दी।
रात में ही सीओ सुरेंद्र नाथ यादव, कोतवाली प्रभारी संजय पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। रोली व उनकी तीनों बेटियों को 50 शय्या अस्पताल भेजा गया। जहां से उन्हें सैफई रेफर कर दिया गया। सीओ सुरेंद्र नाथ ने बताया कि घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। घटनास्थल से फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए गए हैं। घायलों के होश में आने के बाद स्थिति साफ होगी।
चारों को मरा समझकर भागे हमलावर
औरैया। सदर कोतवाली के समर्थपुर में फौजी विजय की पत्नी रोली और उसकी तीनों बेटियों पर जिस तरह से हमलावरों ने वार किए हैं, उसे देखकर हर कोई सिहर उठा। पुलिस वारदात में किसी पुरानी रंजिश को लेकर छानबीन कर रही है। वहीं जिस तरह घटना को अंजाम दिया गया। उससे एक बात साफ जाहिर है कि हमलावर चारों को मरा समझकर भाग निकले। चारों के सिर व शरीर पर गंभीर चोटें हैं।
फौजी विजय पाल के पिता ने पुलिस को घटना की तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि गृह प्रवेश के बाद आठ जून 2021 से विजय पाल का परिवार नए मकान में रह रहा था। पुलिस की पूछताछ में उन्हाेंने किसी भी प्रकार की रंजिश से इनकार किया है। फिलहाल पुलिस घटना के कारणों को लेकर कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।