दिबियापुर (औरैया)। गेल पाता में काम करने वाली आप्टेक कंपनी के आरसीएम समेत 5 अफसरों के अपहरण के मामले में जिस कार को जिला पंचायत अध्यक्ष के भाई की बताकर पुलिस ने बरामद की। वह कार जिला पंचायत अध्यक्ष कमल दोहरे की होने की चर्चा है। पुलिस का कहना है कि कार घटना में प्रयुक्त हुई है। इसके चलते बरामद की गई है।
23 अक्तूबर को गेल पाता पैट्रोकिमिकल में काम करने वाली आप्टेक इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड मुंबई के आरसीएम समेत पांच अफसरों को बदमाशों ने कार से अगवा कर लिया था। इस मामले में अब तक 6 बदमाशों को पुलिस और स्वाट टीम गिरफ्तार कर चुकी है। फरार आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष के भाई पिंटू दोहरे, विष्णु चौहान, विष्णु चौहान के भाई किशनू निवासी सूरजपुर के खिलाफ गैरजमानती वारंट व 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। इस बीच शुक्रवार की रात पुलिस ने गांव मढ़ोकमीत बेला से एक कार बरामद की।
पुलिस का दावा है कि कार जिला पंचायत अध्यक्ष कमल दोहरे के भाई की है। रविवार को लोगों ने ऑनलाइन एप के माध्यम से कार का नंबर सर्च किया तो यह कमल सिंह के नाम पर पंजीकृत मिली। इसके बाद बरामद कार जिला पंचायत अध्यक्ष की होने की चर्चा होने लगीं। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक विकास राय का कहना है कि कार घटना में प्रयुक्त होने के सबूत मिले हैं। बरामद हुई कार से ही जिला पंचायत अध्यक्ष का भाई अफसराें को ले गए थे। हालांकि उन्होंने इस बात की जानकारी से इंनकार किया कि कार जिला पंचायत अध्यक्ष के नाम है। बतादें कि पुलिस को पुख्ता प्रमाण मिले हैं कि कंपनी कर्मियों के अपहरण मामले में दो बाइकों व दो कारों का प्रयोग हुआ था। इसमें से एक कार बरामद हो गई है।
इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष कमल सिंह दोहरे ने बताया कि कार मेरे ही नाम है। लेकिन घटना से गाड़ी का कोई लेनादेना नहीं हैं। जिस दिन की घटना है, उस दिन गाड़ी से वह एक कार्यक्रम में गए थे। हालांकि यह गाड़ी भाई ही नहीं घर के अन्य सदस्य भी प्रयोग में लाते है। बताया कि राजनीतिक द्वेष के तहत विपक्षियों ने फसाने की साजिश की है। इस समय विपक्ष हावी है।