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केंद्रों पर खरीदा गया 56 क्विंटल धान

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औरैया। सरकारी धान खरीद के दूसरे दिन अधिकांश केंद्रों पर सन्नाटा रहा। फिलहाल किसान केंद्रों पर सैंपल व पंजीकरण से संबंधित समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं। मंगलवार को अजीतमल केंद्र पर 56 क्विंटल धान की खरीद हो सकी।
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जिले में धान खरीद के लिए 31 क्रय केंद्र संचालित हैं। अधिकांश केंद्रों पर मंगलवार को सन्नाटा मिला। शहर के मंडी समिति स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर दिनभर सन्नाटा रहा। केंद्र प्रभारी एसएमआई संजय निरंजन ने बताया कि क्षेत्र में अधिकांश स्थानों पर धान की कटाई शुरू नहीं है। धान कटाई करने वाले किसानों की संख्या काफी कम है। 15 नवंबर के बाद धान खरीद में तेजी आने की संभावना है।
अजीतमल मंडी समिति स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर एक किसान का 56 क्विंटल धान क्रय किया गया। केंद्र प्रभारी एसएमआई सुनील कुमार ने बताया कि दिन में तीन किसान सैंपल लेकर आए। नमी ज्यादा होने के कारण उन्हें सूखाकर धान केंद्र पर लाने की सलाह दी गई। बिधूना प्रतिनिधि के मुताबिक उपमंड़ी समिति में खाद्य विभाग से संचालित सरकारी धान खरीद क्रय केंद्र पर दूसरे दिन भी सन्नाटा रहा।
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किसानों ने बताया कि सरकारी केंद्र पर धान खरीद का बैनर लगा दिया गया है। किसानों का कहना है कि पंजीकरण के बाद सत्यापन के लिए लेखपालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मजबूरी में किसान आढ़तों पर धान बेचने को मजबूर हो रहें है। क्रय केंद्र प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि दूसरे दिन कुछ किसान आए, लेकिन धान में नमी होने के कारण उन्हें सूखाने की सलाह दी गई।
आढ़तों पर धान की आवक तेज
बिधूना। तहसील क्षेत्र के सरकारी क्रय केंद्रों पर भले ही सन्नाटा है, लेकिन मंडी में धान की आवक तेज है और जमकर खरीद चल रही है। उप मंडी स्थल में आढ़तों पर धान के ढेर लगे दिख रहे हैं। यहां पर पिछले 15 दिनों से यही स्थिति बनी है। रठगांव निवासी किसान भूरे सिंह चौहान ने बताया कि पिछली बार गेहूं खरीद में चक्कर काटने के बाद भी खरीद नहीं हुई। मजबूरी वह अपना धान आढ़तों पर बेंचने को विवश हैं। बमुराह निवासी किसान प्रमोद ने बताया कि खेतों में लगभग 200 क्विंटल से अधिक पैदावार हुई है। लेकिन रजिस्ट्रेशन सिर्फ 35 क्विंटल का हुआ है। ऐसे में आढ़तों पर धान बेंचना उनकी मजबूरी है।
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