फोटो14एयूआरपी 21- चालक-परिचालकों को एकत्रित करके सुरक्षित यात्रा को लेकर दिशा निर्देश देते एआरएम आ?
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औरैया। रोडवेज बसों की रफ्तार थामने के लिए लगे जीपीएस सिस्टम बंद हो गए हैं। विभागीय अधिकारी टेंडर प्रक्रिया न होने की बात कह रहे हैं। जिससे सड़कों पर बसें बेलगाम स्पीड से फर्राटा भर रहीं हैं। ऐसे में सर्दी का मौसम शुरू होने और कोहरे के चलते स्पीड पर लगाम न लगने से हादसे की आशंका बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की ओर से गाड़ियों की तेज स्पीड पर लगाम लगाने और उनकी मौजूदगी स्थल को अपनी जानकारी में रखने के लिए बसों में जीपीएस सिस्टम लगाए गए थे। इसके लिए लखनऊ कार्यालय स्तर से सारी व्यवस्थाएं कराई गईं थी। साथ ही जीपीएस सिस्टम की कमान भी लखनऊ में बैठे आला अधिकारियों के हाथों में है। खास बात यह है कि अधिकांश बसों में लगे जीपीएस सिस्टम पिछले लगभग एक माह से बंद पड़े हुए हैं। इसके पीछे रोडवेज प्रशासन की ओर से लगभग एक माह पूर्व समाप्त हुई टेंडर प्रक्रिया को बताया जा रहा है।
उधर, टेंडर प्रक्रिया समाप्त होने और जीपीएस सिस्टम का संचालन बंद रहने के चलते चालकों के हाथ खुल गए हैं। इससे सड़कों पर रोडवेज डिपो की बसें बेलगाम गति से फर्राटा भर रहीं हैं। हालांकि डिपो के अधिकारियों की ओर से प्रतिदिन सभी चालक-परिचालकों को सुबह-सुबह एकत्रित करके आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाते हैं। जिसमें गाड़ी का रख-रखाव के साथ ही निर्धारित स्पीड से गाड़ी का संचालन कराए जाने पर बल दिया जाता है। बावजूद इसके सड़कों पर डिपो की बसें निर्धारित से अधिक गति पर दौड़ती नजर आ रहीं हैं।
67 बसों का हो रहा संचालन
रोजवेज डिपो से 67 बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें अधिकांश बसों में लगे जीपीएस सिस्टम शोपीस बन कर रहे गए हैं। अभी तक चालकों की कंट्रोल से 60 से 65 तक स्पीड निर्धारित रहती थी, लेकिन जीपीएस बंद होने के बाद यह बेलगाम है और तेजी से फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे में कई बार हादसे होते हुए बचे हैं।
बोले जिम्मेदार
सभी गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगा हुआ है। एक माह पूर्व टेंडर समाप्त होने के चलते जीपीएस सिस्टम काम नहीं कर रहे हैं। हालांकि लखनऊ स्थित रोडवेज डिपो कार्यालय स्तर से टेंडर प्रक्रिया की जा चुकी है। ऐसे में जल्द ही इनका संचालन फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
-आरएस चौधरी, एआरएम, औरैया डिपो