बिधूना (औरैया)। नगरीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत स्वीकृत डीपीआर के लाभार्थियों को तीसरी किश्त भेजी जानी है। इसके लिए शुक्रवार से सत्यापन कार्य शुरू हुआ। इसमें कई लाभार्थियों के मकान मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। वहीं कुछ अपात्र भी मिले, जिन्हें योजना का लाभ दिया गया है। सत्यापन टीम जांच रिपोर्ट बना कर उच्चाधिकारियों को देगी। अधिकारियों ने जांच के आधार पर कार्रवाई की बात कही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के मानकों के तहत दो किश्त मिलने तक कमरे, किचन, बाथरूम के साथ फ्रंट दीवार पर योजना का पत्थर लगा होना चाहिए। इसके साथ ही तय मानकों पर काम कराया गया हो। इसके बाद ही तीसरी किश्त स्वीकृत की जानी है। इसी का सत्यापन करने के लिए शुक्रवार को जांच टीम में संग्रह अमीन राजबहादुर, अनूप बाजपेई, राजस्व निरीक्षक सुधीर कुमार, लेखपाल योगेश शाक्य व नगर पंचायत से राकेश कुमार ने जांच शुरू की।
योजना के तहत शहरी क्षेत्र के 178 लाभार्थियों को तृतीय किस्त जारी की जानी है। टीम को सत्यापन में कई मकान ऐसे मिले जो मानक के अनुरूप नहीं बने थे। वहीं कुछ लाभार्थियों के पहले से पक्के और दो मंजिला मकान मिले। जबकि कुछ ने तो दो किश्त लेने के बाद भी निर्माण कार्य नहीं कराया। सत्यापन से ऐसे लाभार्थियों में हड़कंप मचा है। उपजिलाधिकारी राशिद अली ने बताया कि तृतीय किस्त मिलने के लिए शासन से जो मानक हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। किसी ने मानक को पूरा नहीं किया तो कई के अपात्र होने की जानकारी मिली है। जांच रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।