काशी क्षेत्र के अध्यक्ष महेश श्रीवास्तव ने कहा कि राफेल मामले में पुनर्विचार संबंधी दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में इस मामले पर जांच की मांग को गैर जरूरी तथा बेवजह बताया राफेल खरीद प्रक्रिया को सही व पारदर्शी बताने का फैसला माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिसंबर 2018 में पहले ही दिया जा चुका है।
जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि राफेल मामले में कांग्रेस पार्टी पहले ही अदालत में मुंह की खा चुकी है और अब फिर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद उसका झूठ देश के सामने आ चुका है।
महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि देश की रक्षा से जुड़े इस अहम मसले पर कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव से पहले लगातार झूठ बोलकर देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश की अब जब सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद राफेल मामले पर एक बार फिर सत्य सामने आ चुका है और पूरी खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और शुचिता पूर्ण सिद्ध हुई है तब कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को देश को गुमराह करने और मर्यादाहीन राजनीति करने के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।