अमरोहा। एडीएम के गनर सहित तीन सिपाही साथी पुलिस कर्मचारी की पिटाई के आरोप में घिर गए हैं। आरोप है कि न्यायालय में पेशी पर आए हत्यारोपी सिपाही की उसके परिजनों से फोन पर बात नहीं कराने से नाराज होकर तीनों ने एक कांस्टेबल की पिटाई की। एसपी ने तीनों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है।
सैदनगली थाने की पीआरवी टीम में तैनात रहे सिपाही मनोज कुमार ने 31 जनवरी को गजरौला थाने में तैनात महिला सिपाही मेघा चौधरी को गोली मारकर खुद को भी गोली मार ली थी। गजरौला में हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने दोनों को गंभीर हालत में मुरादाबाद के साईं अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां महिला सिपाही की मौत हो गई थी। बाद में पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल मनोज के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुरादाबाद कारागार में बंद हत्यारोपी सिपाही मनोज की तीन दिन पहले न्यायालय में पेशी हुई थी। पुलिस लाइन में तैनात सिपाही बलजीत अपनी अभिरक्षा में हत्यारोपी कांस्टेबल पेशी पर लाया था।
आरोप है कि न्यायालय से लौटते समय तीन पुलिस कर्मियों ने कांस्टेबल बलजीत पर दबाव बनाया कि वह अपने फोन से हत्यारोपी मनोज की उसके परिजनों से बात करा दे। कांस्टेबल बलजीत ने कानूनी दांव-पेच का हवाला देते हुए इससे इनकार कर दिया। इससे नाराज तीनों पुलिस कर्मियों ने शनिवार की रात कांस्टेबल बलजीत के साथ पुलिस लाइन में मारपीट की।
रविवार सुबह होने तक यह मामला काफी चर्चा में आ गया। एसपी पूनम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों के निलंबन और विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए। एसपी ने बताया कि इस मामले में सर्विलांस टीम में तैनात सिपाही आकाश, पुलिस लाइन में तैनात नीतिश कुमार और नवीन को निलंबित कर दिया है। नवीन की तैनाती एडीएम की सुरक्षा टीम में गनर के रूप में थी। अब उनकी सुरक्षा में दूसरे गनर को लगाया गया है।