अमरोहा। पेंशनधारकों के सालाना सत्यापन के दौरान चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। जिले में कुल 817 अपात्र पेंशन का लाभ उठा रहे थे। इन लोगों ने कई महीने तक पेंशन की रकम हासिल की है। प्रति महीने 500 रुपये का भुगतान होता था। इसके अलावा 2,059 पेंशनधारकों की मौत हो गई है। संबंधित विभाग पेंशनधारकों की सूची से अपात्र और मृतकों के नाम हटाने में जुटा है।
जिले में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगता के कुल 60,986 पेंशनधारक हैं। प्रदेश सरकार के निर्देश पर विभागों द्वारा सत्यापन कराया गया, जिसमें चौकाने वाले खुलासे हुए। ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की टीम ने जांच पड़ताल की जिसमें कुल 2,876 पेंशनधारक अपात्र और मृतक मिले। जिसमें 817 अपात्र पेंशन का लाभ उठा रहे थे जबकि 2,059 पेंशनधारकों की मौत हो गई है। अब इनके पेंशन रोक दिए जाएंगे। मालूम हो कि पेंशन प्रत्येक तीन महीने में दी जाती है। यह रकम 1,500 रुपये होती है।
अपात्रों को पेंशन के मामले में बिचौलियों का कॉकस सक्रिय है। यह लोग विकास भवन और ब्लॉकों में कार्यरत बाबुओं से सांठगांठ हैं। अपात्रों को पेंशन के बदले विभागीय कर्मचारी भी रकम वसूलते हैं। दरअसल कई सालों से एक पटल पर कार्यरत होने से नियमों को दरकिनार कर देते हैं।
पति की मौत के बाद और दिव्यांग सर्टिफिकेट के बाद पेंशन
तीनों पेंशनधारकों के लिए नियम तय हैं। विधवा पेंशन के लिए पति की मौत के बाद रकम मिलती है जबकि दिव्यांग पेंशन के लिए दिव्यांगता का प्रमाण पत्र जरूरी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि महिलाओं ने पतियों की मौत गलत तरीके से तो नहीं दिखाई है।
यह है मृतक और अपात्रता के आंकड़ें
पेंशनधारक मृतक अपात्र
वृद्धावस्था 1,485 42
विधवा 411 651
दिव्यांग 163 124
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