गजरौला (अमरोहा)। चांदपुर रोड स्थित दवा निर्माता कंपनी तेवा पर एनजीटी ने दस करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना जून 2020 में गैस रिसाव से गजरौला निवासी एक शख्स की हालत बिगड़ने के आरोप में दाखिल मामले में लगाया गया है।
गजरौला में खाद गुर्जर रोड की मूल निवासी सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाली अधिवक्ता मानसी चाहल ने इस मामले को एनजीटी तक पहुंचाया था। उनके मुताबिक पिछले साल सात जून को गजरौला की दवा निर्माता कंपनी तेवा से गैस का रिसाव हुआ था, जिससे घर में मौजूद उनके चाचा जितेंद्र सिंह को सांस लेने में काफी दिक्कत हुई थी। परेशानी बढ़ने पर उनको निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। साथ ही गैस रिसाव की शिकायत मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, केंद्रीय एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को ट्वीट करके की थी। इसके बाद 11 जून 2020 को उन्होंने तेवा कंपनी के खिलाफ एनजीटी में याचिका दायर की थी। इस पर जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता में गठित जस्टिस सुधीर कुमार अग्रवाल, जस्टिस सत्य नारायणन, जस्टिस बृजेश सेठी और एक्सपर्ट मेंबर नगिन नंदा की पीठ ने जांच कर अपनी रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर एनजीटी ने दवा निर्माता कंपनी तेवा पर दस करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
अधिवक्ता का कहना है कि कंपनी यह जुर्माना जिलाधिकारी को देगी। इसका अलग से बैंक में खाता खुलेगा। जुर्माने की रकम गजरौला में पर्यावरण संरक्षण पर खर्च की जाएगी। जुर्माना राशि एक महीने में जमा करनी होगी।
एनजीटी में केस चलने की जानकारी है, लेकिन कंपनी पर दस करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाने की जानकारी अभी तक नहीं है।
- राजेश नायक, जनरल मैनेजर, तेवा कंपनी