अमरोहा। मनरेगा के कार्यों में फर्जीवाड़े की आशंका पर अफसर सतर्क हो गए हैं। मनरेगा के तहत सामग्री के लिए पांच लाख रुपये से अधिक का भुगतान हुआ है। इस तरह के भुगतान गजरौला ब्लॉक के नौ गांवों में हुए हैं। मामले की जानकारी के बाद सीडीओ ने जांच के निर्देश दिए हैं। अब इन सभी नौ गांवों में कार्यों की जांच कराई जाएगी।
ब्लॉक स्तर पर मनरेगा के भुगतान में 60-40 का अनुपात को कायम रखने की जिम्मेदारी बीडीओ की होती है। गजरौला ब्लॉक में अगस्त माह में 1.22 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है, जबकि नौ गांवों में 70 लाख रुपये से अधिक के काम कराए गए हैं। सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ल सोमवार को गजरौला ब्लॉक के बागड़पुर माफी गांव में निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने इंटरलॉकिंग के मामले की जांच की। इसके बाद सीडीओ ने ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में भुगतान की ऑनलाइन पड़ताल कराई।
इसमें नौ गांव ऐसे मिले हैं, जिनमें सामग्री के मद में पांच-पांच लाख रुपये से अधिक के भुगतान किए गए हैं। खास बात यह है कि यह भुगतान जून महीने के बाद किए गए हैं। सीडीओ चंद्रशेेखर शुक्ल ने कहा कि गजरौला ब्लॉक के नौ गांवों में मनरेगा से सामग्री के मद में पांच-पांच लाख रुपये से अधिक का भुगतान हुआ है। इसकी जांच के निर्देश दिए गए हैं।
इन गांवों में होगी जांच
अहरौला तेजवन, बांसली, बिजौरा, देहरा घनश्याम, कांकाठेर, मीरपुर, नंगला माफी, पपसरा खादर और सुनपुरा कला