डीएम बीके त्रिपाठी ने अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में गो संरक्षण की जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन व समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। डीएम ने अधिशासी अधिकारी अमरोहा और नगर पंचायतों को निर्देश दिए कि जनपद में संचालित गोशालाओं में बाउंड्री, पानी, चारा, शेड और विद्युत आदि की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। अव्यवस्था होने पर कोई क्षति किसी पशु को होती है तो संबंधित स्वयं जिम्मेदार होगा।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार 100 दिवसीय कार्य योजना में प्रमुख है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रीष्म ऋतु में पशुओं को गर्मी से बचाव की व्यवस्था, स्वच्छ ताजा पानी, हवादार शेड, पंखों का प्रयोग, छायादार वृक्षों का उपयोग, पशुओं को नहलाना और गौ आश्रय स्थलों की साफ-सफाई को आगामी 100 दिन में अभियान के तहत गौवंश का संरक्षित कराया जाना है। वर्तमान में फसल कटाई के दृष्टिगत कम दर पर भूसा खरीदकर उसका भंडारण किया जाए। गौ अभ्यारण्य की स्थापना के लिए 40 से 50 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना और कुपोषण मिशन अंतर्गत गोवंश को सुपुर्दगी में आवंटित लक्ष्यों की प्रगति बढ़ाने पर जोर दिया। कहा गो आश्रय स्थलों पर हरा चारा की बुआई, घास, सुपर नैपियर घास आदि का रोपण, पशुओं के बाउंड्रीवाल के अंतर्गत खुले में विचरण करने पर विचार विमर्श, गो आश्रय स्थलों की सुरक्षा, गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने की बात कही। डीएम ने कहा वर्मी कंपोस्ट, जीवामृत आदि और गोवंश को छुट्टा छोड़ने पर संबंधित पशुपालक को चिन्हित कर उसके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।