रजबपुर क्षेत्र में बारिश और तेज हवा के कारण गिरी धान की फसल।
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अमरोहा। बेमौसम बारिश ने किसानों की छह महीने की मेहनत पर पानी फेर दिया है। यह बारिश धान किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। झमाझम बारिश से खेतों में कटी पड़ी धान की फसल में पानी भर गया। जबकि तेज हवा चलने के कारण खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई है। किसानों ने सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है। वहीं कृषि विभाग ने बीमा कंपनियों को नुकसान का सर्वे कराकर बीमा धारक किसानों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिन किसानों की फसल का बीमा नहीं है और उनका बड़ा नुकसान हुआ है। ऐसे किसानों की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
जिले में करीब 26 हजार हेक्टेयर जमीन में धान की फसल है। फसल पूरी तरह पक चुकी है। किसान फसल को काट कर दाना-दाना समेटने के लिए प्रयासरत है। लेकिन बेमौसम बारिश ने किसानों को मुसीबत में डाल दिया है। शनिवार की रात अचानक बदले मौसम के मिजाज से किसानों में मायूसी छा गई। रविवार की सुबह झमाझम बारिश हुई। इस दौरान विद्युत आपूर्ति गुल हो गई। बारिश का सिलसिला करीब तीन घंटे तक चला। तेज हवा के साथ झमाझम बारिश से धान की फसल जमीन पर बिछ गई। खेतों में पानी भर गया। खेत में कटी पड़ी धान की फसल बर्बाद हो गई। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि शनिवार को इस बारिश से धान की फसल को बड़ा नुकसान है। इसके लिए बीमा कंपिनयों को नुकसान का सर्वे कराने के लिए कहा गया है। बीमा कंपनी की टीमें बीमा धारक किसानों के नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट देंगे। इसके बाद कंपनियों से फसल के नुकसान का मुआवजा दिलाया जाएगा। जिले में ऐसे कई किसान है, जिन्होंने फसल का बीमा नहीं करा रखा है। ऐसे किसानों के नुकसान का सर्वे कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इन किसानों को भी शासन से मुआवजा दिलाने के लिए प्रयास किया जाएगा।