अमरोहा। कोरोना महामारी के बीच जिले में वायरल फीवर से हाहाकार मचा है। अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। गांव से लेकर शहर तक वायरल फीवर पैर पसार चुका है। बावजूद इसके सेहत महकमा अनजान बना हुआ है। बदलते मौसम में बुखार, मलेरिया और टायफाइड के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। कोरोना काल में भी जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 300 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल समेत सीएचसी-पीएचसी की ओपीडी में मरीजों की संख्या दो हजार से पार पहुंच गई है। इसमें अधिकांश मरीज वायरल, खांसी जुकाम और मलेरिया के शामिल है। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भरमार है।
सितंबर माह की शुरूआत से वायरल और मलेरिया ने तेजी से लोगों को जकड़ा लिया है। हालात यह हैं कि घर-घर में वायरल से लोग ग्रस्त हैं। अस्पताल खुलने से पहले मरीजों की भीड़ उमड़ने लगती है। जिला अस्पताल में रोजाना 800 से अधिक मरीजों की ओपीडी हो रही है। इसमें सबसे ज्यादा मरीज बुखार, मलेरिया, एलर्जी और खांसी के पहुंच रहे हैं। एलर्जी के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। ओपीडी में डॉक्टर के कक्ष के बाहर, दवा काउंटर पर लंबी लाइन देखने को मिल रही है। वहीं निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भरमार है। देहात क्षेत्रों में अप्रशिक्षित डॉक्टर भी खूब चांदी काट रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल में मरीजों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। मौसम के बदलाव के कारण बुखार के मरीजों से भरा हुआ है। आलम यह है कि सरकारी और प्राइवेट अस्पताल के जरनल वार्ड में एक बेड पर भरीजों की भरमार है। मरीजों में कोरोना का खतरा बना हुआ है। मरीज और तीमारदार मास्क लगाने को तैयार नहीं हैं। बुधवार को भी जिलेभर के अस्पतालों की ओपीडी दो हजार से ऊपर रही है।
सरकारी अस्पतालों की ओपीडी पर नजर
जिला अस्पताल 350
हसनपुर सीएचसी 250
अमरोहा सीएचसी 300
धनौरा सीएचसी 300
गजरौला सीएचसी 300
ढबारसी सीएचसी 250
जोया सीएचसी 250
अस्पतालों में अव्यवस्थाएं हावी
अमरोहा। मौसम के बदलते ही जिले में बुखार ने पैर पसार लिए है। बुखार को लेकर चारों ओर हाहाकार मचा है। शहर से लेकर गांव तक लोग बुखार से तप रहे हैं, लेकिन सरकार की सुविधाएं बेपटरी है। अस्पतालों में अव्यवस्थाएं हावी हैं। आलम यह है कि कहीं डॉक्टर देरी से पहुंच रहे हैं, तो कहीं ऑपीडी बंद है। पूछने पर डॉक्टर आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी होने की बात कहते हैं।
बुखार के लक्षण
अमरोहा। जोड़ों व हाथ पैरों में दर्द होना, जी मिचलाना या घबराना, गले में कफ बनना खराश होना, ठंड लगना, शरीर में आलस्य और सुस्ती आना, शारीरिक कमजोरी आना, जरा सा काम करने पर थकान महसूस होना, कई रोगियों को बुखार में सिर का दर्द भी होता हैं, चिड़चिड़ापन आता हैं, एक जगह बैठने का मन करता हैं आदि यह सभी बुखार के सामान्य संकेत होते हैं।
वायरल बुुखार और मलेरिया से निपटने के लिए सभी अस्पतालों में प्राप्त सुविधाएं है। दवा भी प्राप्त मात्रा में हैं। जिस गांव में वायरल बुखार और मलेरिया का प्रकोप है वहां कैंप लगाकर दवा बांटी जा रही है।
-डॉ. मेघ सिंह, सीएमओ अमरोहा