अमरोहा में बेखौफ बदमाशों ने बैटरी की दुकान को निशाना बनाकर लूटपाट की। विरोध करने पर कारोबारी को सरिया से पीटकर घायल कर दिया। शोर मचाने पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लेकिन इससे पहले बदमाश मुरादाबाद की तरफ भाग निकले। लूटपाट कर भागते हुए बदमाशों का ऑटो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। छह महीने में चौथी बार हुई घटना से कारोबारी के परिवार में दहशत का माहौल है। पुलिस बदमाशों का सुराग नहीं लगा सकी है।
छह दिसंबर की रात भी दुकान में हुई थी चोरी
यह घटना डिडौली कोतवाली क्षेत्र के कस्बा जोया की है। मोहल्ला चौकीदारान में रहने वाले खुर्शीद अहमद चौकी से 500 मीटर दूर सहकारी समिति के बगल में बैटरी की दुकान करते हैं। उसी के बगल में उनका बेटा वसीम भी बैटरी की दुकान चलाता है। जबकि दूसरा बेटा नसीम की मोहल्ला जामा मस्जिद के पास रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। छह दिसंबर की रात खुर्शीद अहमद की दुकान में चोरी हो गई थी। जिसके बाद से उनका बेटा वसीम रात को अपनी दुकान में ही सोने लगा था।
खुद को घिरता देखकर दो बदमाश ऑटो लेकर भागने लगे
गुरुवार सुबह करीब चार बजे ऑटो सवार बदमाशों दुकान के ताले तोड़कर बैटरी चोरी करने लगे। आहट मिलने पर वसीम अपनी दुकान से बाहर आया तो उसने देखा कि तीन बदमाश उसके पिता की दुकान से बैटरी चोरी कर ऑटो में भर रहे थे। तभी वसीम ने बदमाशों से मुकाबला करते हुए एक को पकड़ लिया। खुद को घिरता देखकर दो बदमाश ऑटो लेकर भागने लगे। लेकिन साथी के पकड़े जाने से बौखलाए बदमाश फिर वापस लौटे और वसीम को सरिया से बुरी तरह पीटा। इसके बाद बदमाश अपने साथी को छुड़ाकर मुरादाबाद की तरफ भाग निकले। घायल वसीम ने घर पहुंच कर घटना की जानकारी परिजनों को दी। थोड़ी देर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की।
छह महीने में चार और 18 दिन के भीतर दूसरी बार हुई घटना
भले ही कारोबारी खुर्शीद अहमद की दुकान चौकी से 500 मीटर दूर है, लेकिन पिछले छह महीने से लगातार चोर उनकी दुकान को निशाना बना रहे हैं। छह महीने के भीतर चार बार चोरी की घटना को अंजाम दिया जा चुका है। हैरत की बात यह है दिसंबर माह के 18 दिन के भीतर यह दूसरी घटना है। पीड़ित कारोबारी ने हर बार पुलिस से शिकायत की। लेकिन आज तक पुलिस चोरों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। गनीमत रही कारोबारी बेटे ने खुद को बदमाशों के चुंगल से किसी तरह बचा लिया। वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी। गुरुवार की तड़के पुलिस ने पहले की तरह घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल के नाम पर खानापूर्ति की और वापस लौट गई।