अमरोहा। सरकारी कार्मिकों द्वारा रुपये की वसूली थमने का नाम नहीं ले रही है। चकबंदी लेखपाल मोहम्मद फारुक के रुपये के लेन-देन के ऑडियो और वीडियो वॉयरल के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार में शामिल होने के मामले में लेखपाल फारुक को निलंबित कर दिया गया है। उसे सहायक चकबंदी अधिकारी आदमपुर से संबद्ध किया गया है। इसके साथ ही चकबंदी अधिकारी हसनपुर को प्रकरण की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
ढक्का गांव के शादाब और चकबंदी लेखपाल मोहम्मद फारुक के बीच बातचीत की पांच मिनट की ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। बताया जा रहा है कि शादाब के चक की पैमाइश के मामले में लेखपाल ने घूस की रकम वसूली थी लेकिन काम नहीं किया। इसके बाद शादाब ने सबक सिखाने की योजना तैयार की। उसने लेखपाल मोहम्मद फारुक से फोन पर बातचीत की। इसमें वह लेखपाल से आठ हजार रुपये वापस करने की मांग कर रहा है।
बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी नितिन चौहान ने बताया कि ढक्का गांव के शादाब ने 13 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑडियो और वीडियो वॉयरल किया है, जिसमें चकबंदी लेखपाल मोहम्मद फारुक द्वारा रुपये की लेन देन के आरोप सामने आए हैं। प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार साबित हो रहा है। ऐसे में गंभीर प्रकरण में निलंबित कर दिया गया है।