अमरोहा। नगर में रहने वाले मजदूर की पत्नी और भाई की मदरसे में सरकारी अध्यापक के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर रायपुर खुर्द के लोगों ने पांच लाख रुपये हड़प लिए। बाद में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर करके कूटरचित नियुक्ति पत्र दे दिए। एक साल तक पढ़ने के बाद भी वेतन नहीं मिला। धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। मामले में पुलिस ने चार सगे भाइयों समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
नगर के मोहल्ला बटवाल में दिवंगत रईस अहमद का परिवार रहता है। उनके बेटे शाहनवाज की जान पहचान करीब 10 साल पहले रायपुर खुर्द गांव के रहने वाले मोहम्मद अनादिल, शमशुल कमर, मेहताब जेहरा, शारिक से हुई। इस दौरान आरोपियों ने शाहनवाज की पत्नी हिना खान और भाई इरशाद रईस को मदरसा मकासिद उल उलूम मोहल्ला तलवार शाह में मदरसा आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत अध्यापक के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। बेरोजगारी के चलते शाहनवाज उनके झांसे में आ गई। लिहाजा छह लाख रुपये दे दिए। इस दौरान आरोपियों ने कई कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए थे। कुछ दिन बाद आरोपी मोहम्मद अनादिल ने मदरसा मकासिद उल अलूम के लेटर पेड पर फर्जी एवं कूटरचित कंप्यूटर टाइप से दो अलग-अलग नियुक्ति पत्र हस्ताक्षर करके दे दिए। उन पर मदरसे की मोहर लगी हुई थी। करीब एक साल तक हिना खान और इरशाद रईस से मदरसे में अध्ययन कार्य कराया।
इतना ही नहीं फर्जी हाजिरी रजिस्टर पर दैनिक सिग्नेचर भी कराए। लेकिन एक साल बाद भी वेतन नहीं मिला। लिहाजा आरोपी सरकारी कार्रवाई में देरी की बात कर टालते रहे। वर्ष 2018 में मदरसा को संचालित करने वाली संस्था अब्दुल समद एजुकेशनल समिति ग्राम जोगीपुरा की प्रबंध कार्यकारिणी का नया चुनाव कराकर कमर आलम को नया प्रबंधक बना दिया गया। मोहम्मद अनादिल खुद को कार्यकारिणी में सदस्य के रूप में शामिल कर लिया। कोरोना काल में मदरसे का संचालन बंद कर दिया गया।
इसके बाद आरोपी मदरसे का फर्नीचर व अन्य समान लेकर चले गए। धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़ित ने आरोपियों से अपने रुपये मांगे तो उन्होंने गाली गलौज की। तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा उसने न्यायालय की शरण ली। सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि मामले में सीजेएम के आदेश पर मोहम्मद अनादिल, शमशुल कमर, मेहताब जेहरा, शारिक और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।