अमरोहा। उपभोक्ताओं से बिजली बिल वसूलने में अधिशासी अभियंताओं की लापरवाही सामने आई है। 627 करोड़ सालाना के सापेक्ष महज 18.73 प्रतिशत यानी 117 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। खास बात यह है कि चार महीने के लक्ष्य के मुकाबले 39 करोड़ रुपये कम वसूले गए हैं। शासन के वरिष्ठ अफसरों के नाराजगी के बाद अधीक्षण अभियंता सक्रिय हुए हैं। उन्होंने जिले के चारों अधिशासी अभियंताओं को नोटिस जारी किया है। उनसे बिल वसूली में लापरवाही पर जवाब तलब किया है।
जिले में चार वितरण खंड जिसमें अमरोहा प्रथम-द्वितीय और गजरौला प्रथम और द्वितीय है। बिजली बिल का 627.25 करोड़ रुपये का सालाना लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष मासिक और क्रमिक बिल वसूली बहुत कम है। बिजली मुख्यालय ने 39.39 करोड़ रुपये का महीने का लक्ष्य तय किया है, लेकिन 16.34 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं। जबकि जुलाई तक चार महीने में 163 करोड़ रुपये जमा कराना था, जबकि 117 करोड़ रुपये वसूली हुई है। खास बात यह है कि इसक चलते सालाना लक्ष्य की प्रगति भी बहुत कम है। बिजली निगम के अनुसार जुलाई तक 156 करोड रुपये की वसूली होनी चाहिए।
अधीक्षण अभियंता रजत जुनेजा ने चारों अधिशासी अभियंताओं को नोटिस जारी किया है। अमरोहा प्रथम पीपी सिंह, अमरोहा द्वितीय विश्वास कुमार और गजरौला प्रथम हरीश चौधरी और गजरौला द्वितीय के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार से जवाब तलब किया है। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त तक वार्षिक लक्ष्य के प्रगति को हासिल कर लें। अधिशासी अभियंता अमरोहा द्वितीय विश्वास कुमार द्वारा लंबित वसूली प्रमाण पत्र और एक लाख से अधिक के बकाएदारों के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर चिंता जाहिर की है।
बिजली बिल वसूलने में प्रगति की सुस्त है। राजस्व वसूली की समीक्षा उच्च स्तर से हो रही है। अधिशासी अभियंताओं को नोटिस जारी किया गया है। उनसे जवाब उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। रजत जुनेजा, अधीक्षण अभियंता