हसनपुर क्षेत्र में चलता है माफिया राज
हर साल गंगा में बाढ़ आने के बाद सभी जमीन समतल हो जाती है। लेकिन बाढ़ के खत्म होते ही जमीनों पर कब्जे को लेकर लोग आमने-सामने आ जाते हैं। एक-दूसरे की जमीनों पर कब्जा कर लेते हैं, जिस कारण लोग एक-दूसरे की जान के दुश्मन बन जाते हैं। इतना ही नहीं हैदलपुर गांव के सामने गंगा के टापू में वन विभाग की 15 से 18 सौ बीघा जमीन है, लेकिन इस पर वन विभाग का नहीं बुलंदशहर और हसनपुर क्षेत्र के माफिया का राज चलता है। हजारों बीघा गंगा की भूमि और वन विभाग की जमीन पर दबंगों का कब्जा है।
बुआई के समय दबंगों के बीच रहती है तनातनी
पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से दबंग इस जमीन पर फसल उगाते हैं। फसल बुआई के समय गंगा क्षेत्र में दबंगों के बीच तनातनी रहती है। रात के अंधेरे में जमीनों पर कब्जा किया जाता है। जिसके लेकर कई बार हसनपुर और बुलंदशहर के माफिया के बीच फायरिंग हुई है।
आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी पुलिस
लेकिन पुलिस आज तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। माफिया में जमीन को कब्जे को लेकर वर्चस्व की लड़ाई खूनी खेल होता है, लेकिन सुरक्षा के लिहाजा से इन क्षेत्रों में आज तक एक भी पुलिस चौकी नहीं खोली जा सकी है। जिससे खादर क्षेत्र में होने वाले अपराध पर लगाम लगाई जा सके।
कई संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है पुलिस
गंगा खादर के गांव गुलालपुर में फार्म हाउस पर सोमवार की रात हुए दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने के लिए पुलिस की टीमें जुटी हैं। बीते दो दिन में पुलिस की टीमों ने कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। लेकिन अभी तक कोई साक्ष्य नहीं मिल सका है। वहीं पुलिस गांव की रंजिश के अलावा जमीन की रंजिश को लेकर भी जांच कर रही है। जबकि नामजद आरोपियों की तलाश भी की जा रही है। संवाद