हाईवे को जाम मुक्त रखने के लिए थाना पुलिस के साथ ही एसपी ऑफिस से मिले पांच दरोगा व 25 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, लेकिन हाईवे पर एक दो पुलिसकर्मियों को छोड़ कोई नजर नहीं आया।
वट अमावस्या पर दिल्ली-लखनऊ हाईवे जाम की गिरफ्त में रहा। रात भर जाम लगा रहा। गंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं से लेकर यात्री वाहन जाम में फंस गए। दस किमी लंबे जाम में फंसे लोग भीषण गर्मी में बिलबिला गए। उधर रूट डायवर्ट किए जाने के बावजूद पुलिसकर्मियों की मिली भगत से माल वाहक और बड़े वाहन हाईवे पर दौड़ते रहे। संभल और हसनपुर की दिशा से आ रहीं डग्गामार बसों के कारण भी हाईवे पर जाम लगा रहा।
विज्ञापन
वट अमावस्या पर दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर जाम न लगे, इसके लिए रविवार की रात साढ़े आठ बजे से बड़े एवं भारी वाहनों को रूट डायवर्ट कर वैकल्पिक मार्गों से गुजारा गया। मगर रूट डावर्जन का कड़ाई से पालन नहीं किया गया।
जाम से निजात दिलाने को तैनात किए गए पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से दिल्ली की दिशा से हाईवे पर सामान लदे ट्रकों का आना लगा रहा। इसके अलावा जिस मोहम्मदाबाद मार्ग को दिल्ली के गंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक मार्ग के तौर पर रखा गया था, उससे संभल और हसनपुर की दिशा से आ रहीं डग्गामार बसों का आना लगा रहा। जिसके कारण हाईवे पर जाम लगा रहा।
विज्ञापन
ब्रजघाट चौकी पर बैठे दिल्ली निवासी श्रद्धालुओं राम स्वरूप शर्मा, राम सिंह, बवीता देवी ने बताया कि हसनपुर की तरफ से आ रही डग्गामार बसों के कारण उनके वाहन तड़के तीन बजे से फंसे हैं। वह स्नान के बाद अपने वाहन के आने का इंतजार कर रहे हैं।
हाईवे को जाम मुक्त रखने के लिए थाना पुलिस के साथ ही एसपी ऑफिस से मिले पांच दरोगा व 25 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, लेकिन हाईवे पर एक दो पुलिसकर्मियों को छोड़ कोई नजर नहीं आया।
एक चौकी इंचार्ज और पुलिसकर्मी न तो चौकी पर तैनात थे और न ही कहीं पर जाम खुलवाने में दिखाई दिए। जानकारी करने पर पता चला कि रात भर जाम खुलवाने में लगे रहे थे। इस कारण कहीं जाकर सो गए हैं। थाना प्रभारी राजेश तिवारी का कहना है कि हाईवे पर सुबह जाम लग गया था। अब यातायात सुचारू हो गया है।