आम बजट-2022 से अधिवक्ताओं और ढोलक कारोबारियों का निराशा हाथ लगी है। अधिवक्ताओं को बजट से कई उम्मीदें थी कि उनके कल्याण के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी, मगर ऐसा नहीं हो सका है। बजट में अधिवक्ताओं के लिए कुछ नहीं है। उन्हें न तो टैक्स से राहत दी गई और न ही आयकरदाता अधिवक्ताओं के लिए किसी सुविधा की घोषणा की गई। वहीं ढोलक कारोबारियों को उम्मीद थी कि सरकार की ओर से कम ब्याज दर बैंकों से लोन मिल सकेगा। सब्सिडी की उम्मीद थी। इनकम टैक्स में भी कोई राहत नहीं दी गई है।
केंद्र सरकार के इस बार के बजट ने भी पिछले बजटों की तरह निराश ही किया है। अधिवक्ताओं के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। टैक्स देने के बाद भी सुविधा न मिलना निराशाजनक है। सरकार का बजट औसत बजट है। टैक्स में छूट की उम्मीद भी पूरी नहीं हुई है।- कपिल चिकारा, एडवोकेट
सरकार ने इस बार भी अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए किसी योजना की घोषणा नहीं की है। यह बजट पूरी तरह से चुनावी बजट है। पश्चिमी हाईकोर्ट बैंच की स्थापना को लेकर कोई प्रयास नहीं किया गया है। जिससे अधिवक्ता समाज आहत है।-अजीम अहमद, एडवोकेट
इस बजट से उम्मीद की जा रही थी कि इनकम टैक्स स्लैब में परिवर्तन होगा और आयकर की सीमा को 2.5 लाख से बढ़ा दिया जाएगा। लेकिन बजट में सरकार द्वारा आयकर दाताओं को कोई राहत नहीं दी गई। इसके अतिरिक्त रिकॉर्ड जीएसटी प्राप्त होने पर भी व्यापारियों को कोई राहत नहीं दी गई। आसिफ सुल्तान, एडवोकेट, जीएसटी और इनकम टैक्स
केंद्र सरकार के बजट में ढोलक कारोबारियों के लिए कुछ नहीं है। उम्मीद थी कि सरकार की ओर से कम ब्याज दर बैंकों से लोन मिल सकेगा। मगर इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है। सब्सिडी की उम्मीद थी मगर इस पर भी कुछ काम नहीं किया है। इनकम टैक्स में भी राहत नहीं दी गई है।- शक्ति कुमार अग्रवाल, ढोलक कारोबारी