गौरीगंज (अमेठी)। अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्ड बनवाकर प्रतिमाह कोटे की दुकान से राशन लेने वाले जिले के 998 कार्डधारकों ने सरकार को ही 53 करोड़ 89 लाख 20 हजार 528 रुपये का गेंहू-धान बेच दिया।
आधार कार्ड व बैंक खाता लिंक होने से पोर्टल पर मामले का खुलासा हुआ तो हड़कंप मच गया। शासन ने जिले के आपूर्ति विभाग को ऐसे 998 कार्डधारकों की सूची भेजकर स्थलीय सत्यापन कराने तथा पुष्टि के बाद कार्ड निरस्त कर रिकवरी व कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए रिपोर्ट मांगी है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत भूमिहीन, बेसहारा व अति गरीबों को भोजन की परेशानी से बचाने के लिए प्रतिमाह 35 किलोग्राम राशन दिया जाता है। इसी तरह तीन लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लोगों को पात्र गृहस्थी कार्ड के माध्यम से प्रति यूनिट पांच किलोग्राम राशन वितरित किया जाता है।
जिले में 70,378 अंत्योदय व 2,82,221 पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को 664 कोटे की दुकानों से सामान्य दिनों में सरकारी रेट पर व कोविड कॉल में निशुल्क राशन वितरित किया जाता है। खरीफ सीजन 2020 में 58 क्रय केंद्रों पर 23,800 किसानों से 120428.86 एमटी धान तो रवी सीजन 2021 में 55 क्रय केंद्रों पर 12,626 किसानों से 70814.316 एमटी गेहूं खरीद जिले में हुई है।
लक्ष्य से अधिक खरीद होने के बाद शासन ने क्रय केंद्रों पर किए गए भुगतान के बैंक खातों का आधार कार्ड से मिलान किया तो पता चला कि सरकारी क्रय केंद्रों पर तीन से 13 लाख रुपये तक का गेहूं-धान बेचने वाले 998 लोग ऐसे हैं जो अंत्योदय या पात्र गृहस्थी कार्डधारक हैं।
एक तरफ ये सरकार से सस्ते में राशन ले रहे हैं और दूसरी ओर सरकार को ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर राशन की बिक्री कर रहे हैं। शासन ने चिह्नित 998 कार्डधारकों (86 अंत्योदय व 912 पात्र गृहस्थी कार्डधारक) की सूची आपूर्ति विभाग को भेजते हुए दोबारा स्थलीय जांच कर पात्रता का परीक्षण करने तथा अपात्र होने पर कार्ड निरस्त कर राशन की रिकवरी व कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
गौरीगंज तहसील के गोगमऊ गांव निवासी हरिमंगल सिंह का पात्र गृहस्थी योजना के तहत 275140682156 नंबर से राशन कार्ड बना है। वह प्रतिमाह कोटेदार रामअचल से पांच किलोग्राम प्रति यूनिट राशन लेते हैं। हरिमंगल ने सरकारी क्रय केंद्र पर निर्धारित समर्थन मूल्य पर पिछले एक वर्ष में 13,25,497 रुपये का धान-गेहूं बेचा है।
शाहगढ़ के किटियावां गांव निवासी रमेश कुमार के नाम पर भी 275140724103 नंबर से पात्र गृहस्थी कार्ड है। इस कार्ड पर प्रति माह कोटे की दुकान से राशन लिया जाता है। कोटे की दुकान से राशन लेने वाले रमेश कुमार ने सरकारी क्रय केंद्र पर एक साल में 12,66,582 रुपये का धान-गेहूं बेचा है।
गौरीगंज के मऊ गांव निवासी भवानी प्रकाश सिंह भी ऐसे ही गरीबों में शुमार हैं। इनके नाम से 275140685760 नंबर का पात्र गृहस्थी कार्ड बना है। वह प्रति माह कोटेदार संतलाल से राशन भी ले रहे हैं। बावजूद इसके इन्होंने तीन लाख 374 रुपये 40 पैसे का धान-गेहूं सरकारी क्रय केंद्र पर बेचा है।
डीएसओ संजय कुमार ने बताया कि शासन से 998 कार्डधारकों की सूची मिली है। इन्होंने न सिर्फ सरकारी दर पर नियमित राशन लिया बल्कि सरकारी क्रय केंद्र पर तीन लाख रुपये वार्षिक से अधिक का धान-गेहूं भी बेचा।
यह सूची संबंधित आपूर्ति निरीक्षक को भेजी गई है। सभी एसडीएम से संयुक्त टीम गठित कराकर स्थलीय जांच कराने का अनुरोध किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अपात्र कार्डधारकों का राशन कार्ड निरस्त करते हुए नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।