अमेठी सिटी। वित्तीय वर्ष के समापन पर इस बार रविवार को भी सरकारी दफ्तर खुले रहेंगे, वहीं विभागीय अधिकारी जोड़-जुगत लगाकर बिल बनाने में जुटे हुए हैं। शनिवार को सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी हांफते हुए नजर आए। कूलर, पंखा व एसी के बाद भी उनके माथे का पसीना कम नहीं हुआ। वित्तीय वर्ष 2023-24 का आखिरी दिन 31 मार्च रविवार को है। रविवार के दिन अन्य मौकों पर अवकाश का दिन होता है, लेकिन इस बार वित्तीय वर्ष का समापन होने के चलते बैंक खुले रहने का ऐलान पहले ही हो चुका है। अब सरकारी दफ्तर व कोषागार को भी रविवार को खोला जाना है। विकास भवन के कर्मचारियों का कहना है कि काम बहुत ज्यादा है। चुनाव के साथ ही वित्तीय वर्ष का बेहतर समापन इस बार करना है। रविवार को दफ्तर खोलना विभागीय मजबूरी बन गई है। यदि इसके लिए अलग से कोई आदेश नहीं भी आता है फिर भी दफ्तर खोल कर अधूरे कार्य निपटाए जाएंगे।
शनिवार को कोई भी क्लर्क, एकाउंटेंट व विभागीय अधिकारी बात करने के मूड में नजर नहीं आया। विभाग के अधूरे बिल बनाने में सभी जुटे रहे। अधिकारियों का कहना है कि बजट को ठिकाने लगाने के लिए रविवार की रात आठ से नौ बजे तक कार्य करना होगा। हो सकता है कि विभाग या निदेशालय से रात को ही कोई बकाया धन रिसीव हो जाए, ऐसे में पूर्व तैयारी करना जरूरी है। जिला अर्थ संख्या अधिकारी नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि सभी विभाग बजट खर्च करने में लगे हुए हैं।
कई विभागों ने खर्च कर दिया बजट
जिला कोषागार अधिकारी रामेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि कई विभागों ने इस वित्तीय वर्ष का अपना बजट तकरीबन खर्च कर दिया। उनका कहना है कि वन विभाग, बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, पशु पालन विभाग आदि ने इस वित्तीय वर्ष का अपना बजट तकरीबन खर्च कर दिया है।
भुगतान बिलों का लग जाता है अंबार
प्रति साल मार्च के पहले जिला कोषागार में बिलों का अंबार लगा होता है। बजट खपाने के लिए उठाए गए कदम के कारण साल भर में जितने बिल प्रस्तुत नहीं किए जाते, उससे अधिक बिल मार्च में प्रस्तुत किए जाते हैं। ऐसे में बजट को स्वीकृत कर आहरण करने के लिए बिल लगाया जाता है। ऐसे में भुगतान के लिए काफी बिल लगे हुए हैं।