गौरीगंज (अमेठी)। संयुक्त जिला अस्पताल की स्थिति हर रोज बद से बदतर होती जा रही है। स्थिति यह हो गई है कि जिला अस्पताल में कई दिनों से एंटीबायटिक, ग्लूकोज की बोतल और दर्द की दवा भी नहीं है। जीवन रक्षक दवाओं का भी पूरी तरह टोटा है।
असैदापुर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल अब परामर्श केंद्र बनकर रह गया है। अस्पताल संचालन से लेकर अब तक यहां जिला अस्पताल की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। अब तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरीगंज के कोड से सीएचसी स्तर की दवाएं मिल रही थीं। पिछले दस नवंबर से सीएचसी का बजट समाप्त होने के बाद से जिला अस्पताल को दवाएं मिलना पूरी तरह बंद हो गई हैं।
वर्तमान में स्थिति यह है कि जिला अस्पताल में एंटीबायटिक, ग्लूकोज की बोतल व दर्द की दवा पूरी तरह खत्म हो गई हैं। जीवन रक्षक दवाओं का भी कमोवेश यही हाल है। कुछ दवाएं हैं वो भी समाप्ति की कगार पर हैं। रुई, पट्टी समेत जरूरी सामग्री भी लोगों को बाहर से खरीद कर लानी पड़ रही है। ओपीडी में चिकित्सक पर्चे पर दवा तो लिख रहे हैं।
लेकिन वितरण काउंटर पर सभी दवाएं नहीं मिल रही हैं। ऐसे में मरीजों को पर्चे पर लिखी दवा बाहर से खरीदना पड़ रहा है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए जरूरी दवाएं चिकित्सक खुद के पास से खरीदकर काम चला रहे हैं।
कई दिनों से नहीं पैरासिटामोल
जिला अस्पताल में दवाओं की स्थिति यह है कि पिछले कई दिनों से पेरासिटामोल टैबलेट नहीं है। कोरोना टीकाकरण के लिए टीमों को दी गई पैरासिटामोल में कटौती कर उनसे कुछ टैबलेट लेकर शुक्रवार को काउंटर पर सीमित मात्रा में मरीजों को वितरित की गईं।
नहीं मिलीं दवाएं
गौरीपुर निवासी रामराज ने बताया कि डॉक्टर मिले। देख भी लिया। काउंटर से पर्चे पर लिखी सभी दवाएं नहीं मिल सकीं। बताया कि अस्पताल गेट पर स्थित मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदनी पड़ीं।
बीपी की दवा भी नहीं
टीकरमाफी निवासी लाल प्रताप सिंह शुक्रवार को जिला अस्पताल इलाज कराने आए थे। बताया कि जिला अस्पताल में उन्हें ब्लड प्रेशर और एलर्जी की दवा तक नहीं मिल सकीं। उन्हें यह दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ीं।
दर्द की दवा बाहर से खरीदी
प्रतापगढ़ के कटरिया अठेहा निवासी श्रीदेवी भी शुक्रवार को इलाज कराने आईं थी। कहा कि डॉक्टर ने तो दवा लिख दिया। अस्पताल में दवा काउंटर पर दवाएं नहीं मिलीं। बताया कि दर्द तक की दवा बाहर से खरीदनी पड़ी।
कैसे हो इलाज
संग्रामपुर के ठेंहगा निवासी लक्ष्मण तिवारी के पैर में दिक्कत है। इलाज कराने जिला अस्पताल आए थे। अस्पताल से दवा नहीं मिलने से वे निराश दिखे। कहना था बिना दवा के आखिर इलाज कैसे होगा।
नहीं मिली पेट दर्द की दवा
नगर पालिका के वार्ड नंबर पांच बलीपुर खुर्दवा निवासी आदित्य तिवारी पेट संबंधित समस्या से परेशान हैं। शुक्रवार को वह भी अपने पिता के साथ अस्पताल आए। लेकिन अस्पताल में उन्हें पेट दर्द तक की दवा नहीं मिल सकी।
खांसी की दवा भी नहीं
सैठा पहाड़गंज निवासी ज्योति श्रीवास्तव शुक्रवार को इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंची थीं। ज्योति खांसी से परेशान थीं। कहा कि लगातार इलाज करा रहीं हैं। शुक्रवार को काउंटर पर डॉक्टर द्वारा लिखी सभी दवाएं नहीं मिल पाईं।
24 को फिर भेजा अनुस्मारक
सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि कोड अलॉट करने के लिए 24 नवंबर को फिर महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को अनुस्मारक भेजा है। भेजे गए अनुस्मारक में अविलंब जिला अस्पताल संचालन के लिए सीएमएस का कोड अलॉट करने की मांग की गई है। कहा कि कोड अलॉट होने के बाद ही दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो पाएगी।
सीएमओ से की शिकायत
गौरीगंज ब्लॉक क्षेत्र के मझवारा गांव निवासी राम दुलारी ने सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे को शिकायती पत्र देकर जिला अस्पताल में दवाएं नहीं मिलने की बात कही है। पत्र में कहा है कि दूर-दूर से अस्पताल आने वाले मरीज परेशान हो रहे हैं। अपने स्तर से अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की।