गौरीगंज (अमेठी)। सऊदी में छह माह तक फंसा युवक आखिरकार अपने वतन लौट आया है। शनिवार को युवक ने विदेश भेजने से लेकर वहां मुसीबत झेलने तक की कहानी सुनाई तो रोंगटे खड़े हो गए। युवक ने बताया कि वर्किंग के बजाए विजिटर वीजा पर सऊदी पहुंचे युवक को तमाम परेशानियां उठानी पड़ीं। सऊदी में उसे महीनों भीख मांगकर रोटी का जुगाड़ करना पड़ा। उसका पासपोर्ट भी दलालों ने जब्त कर लिया था।
शहर के वार्ड संख्या-2 (सुभावतपुर) के रहने वाले 24 वर्षीय कैलाश फरवरी 2021 में सऊदी अरब गए थे। वहां जाने के पांच माह बाद पिछले दिनों उन्होंने अपने परिवार के पास एक मार्मिक वीडियो भेजकर यातना से बचाने व किसी तरह घर वापस लाने की गुहार लगाई थी।
वीडियो मिलने के बाद कैलाश के परिवार ने शासन-प्रशासन से उसे वापस लाने की गुहार लगाई लेकिन सभी जगह उनकी आवाज अनसुनी कर दी गई। इसी बीच करीब हफ्ता भर पूर्व कैलाश किसी तरह वापस घर आ गया। शनिवार को कैलाश ने अपनी कहानी बयां की तो रोंगटे खड़े हो गए। कैलाश ने बताया कि जामो थाना क्षेत्र के रहने वाले उसके दूर के रिश्तेदार बाबूलाल ने उसे सऊदी भेजने का लालच दिया।
उसके कहने पर उसने अपना पासपोर्ट बनवाया। पासपोर्ट बन जाने के बाद बाबूलाल ने वर्किंग वीजा के नाम पर उससे 64000 रुपये लिए। बाबूलाल ने फरवरी में उसे दिल्ली भेजा। वहां एयरपोर्ट पर मिले अभय नाम के एक व्यक्ति ने 36000 रुपया लेकर वीजा दिया। वीजा लेकर वह दुबई पहुंचा। एयरपोर्ट पर ही उसे जिले के बाजार शुकुल थाना क्षेत्र के सुबेहा का रहने वाला मुन्ना नाम का युवक मिला।
मुन्ना उसे अपने घर ले गया। आजकल कहते हुए 15 दिन बिताने के बाद उसे टिशू पेपर की कंपनी में काम दिलवाया। यहां उसे आठ दिन बाद यह कहते हुए काम से हटा दिया गया कि उसके पास जो वीजा है, वह विजिटर है। उसकी अवधि समाप्त होने वाली है। कैलाश इस बाबत जानकारी के लिए मुन्ना के पास गया तो उसने सारे पैसे छीन लिए और उसे किसी के हाथों बेच दिया। यहां उसके साथ आए दिन मारपीट भी की जाती थी। फिर एक दिन वह वहां से भाग निकला।
तीन महीने मांगी भीख
कैलाश ने बताया कि वहां से भागने के बाद उसके सामने भोजन के लाले पड़ गए। रोटी का जुगाड़ हो सके इसके लिए वह मस्जिदों के सामने भीख मांगने लगा। इसी दौरान उसे लखनऊ का एक युवक मिल गया। इसी युवक ने उसका वीडियो बनाकर उसके घर भेजा।
लखनऊ के युवक ने मदद कर भेजा वापस
लखनऊ का मूल निवासी यह युवक (नाम अज्ञात) ही उसे लेकर उस दफ्तर गया जहां उसका पासपोर्ट जमा करने के बाद नहीं दिया जा रहा था। दफ्तर में रहने वाले एक भारतीय की मदद से उसका पासपोर्ट वापस दिलाया और अपने पास से टिकट का प्रबंध कर वापस भारत आने में मदद की।
अब तंग कर रही पुलिस
कैलाश ने बताया कि अब जब वह किसी तरह वतन लौटा है तो उसे जामो पुलिस परेशान कर रही है। बताया कि उसका वीडियो देखने के बाद परिवारीजनों ने पुलिस से फरियाद की थी। एसपी के निर्देश पर जामो थाने में बाबूलाल पर केस दर्ज हुआ था। अब जबकि वह वापस आ गया है तो जामो पुलिस उस पर बाबूलाल के पक्ष में बयान देने का दबाव बना रही है। इसके लिए थाने का एक दरोगा बार-बार उसकी बहन व भाई को फोन करके तंग करता है।
कराएंगे जांच : एसपी
एसपी दिनेश सिंह ने कहा कि पीड़ित पर दबाव बनाना गलत है। यदि आरोप सही हैैं तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।