गौरीगंज (अमेठी)। कागजों में गरीब बन कर उनके हक पर डाका डालने वाले 998 फर्जी गरीबों का राशन कार्ड पूर्ति विभाग के पोर्टल से निरस्त हो गया है। चिह्नित कार्ड धारकों को नोटिस जारी कर विभाग ने जवाब मांगा है। कार्ड निरस्त करने के बाद विभाग संयुक्त टीम गठित कर मामले की जांच में जुटा है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के नियमों व पात्रता को दरकिनार कर 998 अपात्र गरीब बनकर कोटे की दुकान से राशन ले रहे थे। कागजों के यह गरीब सरकारी दर व निशुल्क राशन लेने के बावजूद सरकारी क्रय केंद्रों के माध्यम से सरकार को हर वर्ष तीन से 13 लाख रुपये का गेहूं/ धान बेच रहे थे। मामले की जानकारी हुई तो पूर्ति विभाग में हड़कंप मच गया।
शासन से सूची मिलने के बाद पूर्ति विभाग से चिह्नित 998 उपभोक्ताओं का राशन कार्ड पोर्टल निरस्त कर दिया। कार्ड निरस्त करने के बाद पूर्ति विभाग ने आपूर्ति निरीक्षक व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित कर मामले की स्थलीय जांच शुरू कर दी है।
विभाग ने चिह्नित सभी 998 उपभोक्ताओं को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में लिखित जवाब/ साक्ष्य देने को कहा है। इसके साथ ही विभाग नियमों को दरकिनार कर राशन कार्ड बनने से लेकर लगातार जांच के बावजूद अपात्रों का नाम शामिल रहने की भी जांच करने में जुटा है। मामले की जांच करने के बाद अपात्रों से रिकवरी करने के साथ ही अन्य कार्रवाई की जाएगी।
बडे़ पैमाने पर धांधली
अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारकों की ओर तीन लाख रुपये 13 लाख रुपये तक का गेहूं/ धान बेचने के मामले में फिलहाल पूर्ति विभाग व विपणन विभाग कुछ भी बोलने से बच रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार बिचौलियो के रैकेट ने इतनी बड़ी धांधली को अंजाम दिया है। धांधली में पूर्ति विभाग से ज्यादा विपणन विभाग की संलिप्तता बताई जा रही है।
खतौनी व पासबुक देकर फंस गए
जिले में चिह्नित 998 लोगों में अधिकांश लोग राइस मिलर्स को अपनी खतौनी व बैंक पासबुक देकर फंस गए। विभागीय सूत्रों के अनुसार चिह्नित 998 लोगों में ज्यादातर लोग कुछ पैसों के लालच के साथ अपनी उपज सरकारी रेट पर बेचने की कोशिश में सक्रिय बिचौलियों के चक्कर में फंस गए। बिचौलियों ने उनके खतौनी नंबर, आधार नंबर व बैंक डिटेल के आधार पर पंजीकरण तो किया लेकिन भूमि का विवरण खतौनी से ज्यादा अंकित कर क्रय केंद्रों पर धान/ गेहूं की बिक्री कर डाली।
पात्रता का होगा परीक्षण
शासन की ओर से अंत्योदय व पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों के राशन लेने व सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं/धान बेचने का मामला पकड़ा गया तो विभाग अब सतर्कता बरतने में जुट गया है। विभाग अब सभी कार्डधारकों की पात्रता का परीक्षण कर अपात्रों का राशन कार्ड निरस्त करने की कवायद में जुटा है।
664 कोटे की दुकान से होता है वितरण
पूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 70,378 अंत्योदय व 2,82,234 पात्र गृहस्थी कार्ड जिले में बने हैं। अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति माह सितंबर माह में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में पांच किलोग्राम प्रति यूनिट तो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत 35 किलोग्राम निशुल्क राशन वितरित किया गया है। इसी तरह पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को दोनों योजनाओं में पांच किलोग्राम प्रति यूनिट राशन वितरित किया गया है।
रिकवरी की चल रही कवायद
डीएसओ संजय कुमार ने बताया कि चिह्नित 998 कार्डधारकों ने योजना में कब से कब तक कितना राशन लिया है, इसकी जानकारी की जा रही है। इसके बाद 24.5 रुपये प्रति किलोग्राम गेहूं, तो 32 रुपये प्रति किलोग्राम चावल की दर से वसूली की जाएगी। इसके लिए तहसील प्रशासन का सहयोग लेते हुए आरसी जारी करते हुए अन्य नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।