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मेडिकल कॉलेज निर्माण को 292 करोड़ स्वीकृत

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02 : गौरीगंज : तिलोई के रस्तामऊ में संचालित 200 शैय्या रेफरल अस्पताल। -संवाद - फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। शासन ने जिले में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 292 करोड़ रुपये की वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति दे दी। स्वीकृति के बाद लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित करते हुए 20 करोड़ रुपये की पहली किस्त अवमुक्त कर दी है। धनराशि अवमुक्त होने के बाद लोक निर्माण विभाग निविदा के माध्यम से ठेकेदार नामित कर अपनी निगरानी में मानक के अनुसार समय से निर्माण कार्य पूरा कराएगा।
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जिले में कई वर्षों से मेडिकल कॉलेज बनाने की कवायद पूरी हो गई। शासन से वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण का रास्ता साफ हो गया। प्रदेश सरकार ने फेज तीन में जिले में राजकीय मेडिकल कॉलेज निर्माण को मंजूरी देते हुए जिला प्रशासन सेे भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट मांगी थी।
शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से तिलोई तहसील क्षेत्र के बहादुरपुर मजरे रस्तामऊ में निर्मित 200 शैय्या वाले रेफरल अस्पताल से दो किलोमीटर दूर पूरे गोबरे मजरे तिलोई में 1.57 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर मेडिकल कॉलेज के नाम खतौनी में दर्ज की थी।
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भूमि खतौनी में दर्ज होने के बाद लोक निर्माण विभाग ने स्थानीय दर पर निर्माण की अनुमानित आगणन रिपोर्ट तैयार कर दो अरब 92 करोड़ 56 लाख 68 रुपये का प्रस्ताव को शासन भेजा था। प्रस्ताव पर 22 मार्च 2021 को व्यय वित्त समिति ने अनुमोदन दे दिया था।
व्यय वित्त समिति का अनुमोदन मिलने के बाद नौ सितंबर 2021 को शासन ने कॉलेज निर्माण के लिए वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति देते हुए पहली किस्त के रूप में 20 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिया। अनुमानित आगणन को मंजूरी देने तथा पहली किस्त निर्गत करते हुए प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के साथ मुख्य अभियंता व प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग, डीएम व सीएमओ को पत्र भेजा है।
धनराशि अवमुक्त होने के बाद लोक निर्माण विभाग निविदा के माध्यम से ठेकेदार के चयन की कवायद शुरू कर दी है। ठेकेदार चयन करने के बाद लोक निर्माण विभाग अपनी निगरानी में मानक व स्वीकृत मानचित्र के अनुसार समय से निर्माण कार्य पूरा कराते हुए भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर करेगा। भवन हैंडओवर होने के बाद बच्चों को मेडिकल शिक्षा ग्रहण करने का बेहतर विकल्प मिलेगा तो गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को इलाज के लिए लखनऊ व इलाहाबाद के चक्कर काटने से निजात मिलेगी।
पांच लाख से होगी मिट्टी भराई
कार्यदायी संस्था के एई गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि तिलोई के पूरे गोबरे गांव में स्वीकृत राजकीय मेडिकल कॉलेज की चिह्नित भूमि निचली होने के कारण मिट्टी भराई का भी कार्य होना है। निर्माण के दौरान ही मिट्टी भराई का काम हो सके इसके लिए स्वीकृत अनुमानित आगणन के साथ व्यय वित्त समिति से पांच लाख रुपये खर्च करने का अनुमोदन किया है।
29 करोड़ से खरीदे जाएंगे उपकरण व फर्नीचर
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए अनुमानित आगणन के साथ 29 करोड़ रुपये से उपकरण व फर्नीचर क्रय करने को भी मंजूरी मिली है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उपकरण व फर्नीचर क्रय करने में विलंब नहीं होगा। 29 करोड़ रुपये भवन निर्माण के लिए स्वीकृति राशि से अतिरिक्त होगी। अधिकांश रूप से भवन निर्माण के बाद उपकरण व फर्नीचर के लिए धनराशि नहीं मिलने से विलंब होता है।
होगा यह भी निर्माण
प्रमुख सचिव की ओर से भेजे गए पत्र में सब स्टेशन इक्विपमेंट, डीजी सेट एयरकंडीशनिंग सिस्टम, एसटीपी, मेडिकल गैस पाइप लाइन, लिफ्ट, माड्युलर ऑपरेशन कक्ष, माइनर ओटी, सीएसएसडी उपकरण, लांड्री उपकरण, कचन उपकरण, कंप्यूटर नेटवर्किंग व इपीबीएक्स का भी निर्माण होगा। स्थापित होने वाले इन उपकरण को इंडीकेटिव दरें मानते हुए क्रियान्वयन के पहले निर्माताओं से निविदा प्राप्त कर प्रतिस्पर्धा के आधार पर लागत दर का भुगतान सबसे कम दर से करने को कहा है।
जिला मुख्यालय से 40 किमी होगी दूरी
तिलाई के पूरे गोबरे में निर्मित होने वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज की दूरी जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर है। मुख्यालय से दूर मेडिकल कॉलेज का निर्माण होने से अमेठी, भादर, भेटुआ, संग्रामपुर, गौरीगंज, शाहगढ़, जामो, मुसाफिरखाना, जगदीशपुर व बाजार शुकुल ब्लॉक क्षेत्र के मरीजों को पहुंचने में परेशानी होगी।
लोगों की बढ़ी उम्मीदें
मेडिकल कॉलेज खुलने से मरीजों को इलाज तो मिलेगा ही, इसके साथ ही क्षेत्रीय लोगों को रोजगार मिलने की भी आस है। पूरे गोबरे मजरे तिलोई गांव के मो. अनीश को उम्मीद है कि मेडिकल कॉलेज संचालन शुरू होने पर कई बेरोजगारों को कॉलेज में नौकरी मिल सकेगी। युसूफ अली का कहना है कि मेडिकल कॉलेज बनने से मेडिकल स्टोर, चायपान की दुकान, रेस्टोरेंट/होटल, स्टेशनरी की दुकान, फल, कपड़े, धर्मशाला सहित रोजमर्रा की जरूरत के सामानों की बिक्री करने से लोगों की आय में इजाफा होगा। बाबूलाल का कहना था कि मेडिकल कॉलेज निर्माण से अब क्षेत्र के मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा तो राजेंद्र वर्मा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज बनने से आसपास के बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मुहैया हो सकेगा। निर्माण के समय मजदूरी करने वालों को वर्षों तक एक स्थान पर रोजगार मिलेगा।
तीन मेडिकल संस्थानों से मिलेगी राहत
असैदापुर में संचालित संयुक्त जिला अस्पताल के साथ जगदीशपुर में ट्रॉमा सेंटर व तिलोई के रस्तामऊ में 200 शैय्या वाले रेफरल अस्पताल के बाद अब मेडिकल कॉलेज निर्माण जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर होने के बाद करीब 20 लाख की आबादी को इलाज की सुविधा के लिए 115 किमी दूर इलाहाबाद व 120 किमी दूर लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा। जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा होने से अमेठी के साथ ही रायबरेली, सुल्तानपुर व प्रतापगढ़ जिले के सीमावर्ती गांव के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
मानक के अनुसार होगा निर्माण
एक्सईएन लोक निर्माण विभाग शैलेंद्र कुमार ने अनुमानित आगणन को स्वीकृति मिलने के साथ ही 20 करोड़ रुपये अवमुक्त होने की जानकारी दी। एक्सईएन ने बताया कि निविदा के माध्यम से ठेकेदार चयन के बाद मानक के अनुसार निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा। निर्माण कार्य में लापरवाही नहीं हो इसकी निगरानी के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी।

01 : गौरीगंज : तिलोई के पूरे गोबेर गांव में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए चिन्हित भूमि। -संवाद- फोटो : AMETHI

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