गौरीगंज (अमेठी)। आवास चयन में अपात्रों का नाम शामिल होने की लगातार मिल रही शिकायतों पर सीडीओ द्वारा दोबारा कराए गए सत्यापन में 1199 लाभार्थी अपात्र मिले हैं। सत्यापन में अपात्र मिलने वाले लोगों के नाम स्थाई प्रतीक्षा सूची से डिलीट कर दिए गए हैं।
गरीबों को घर मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास तो प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री आवास योजना संचालित है। इसके लिए शासन से लक्ष्य निर्धारित होने के बाद ब्लॉक स्तर पर लाभार्थियों का चयन किया जाता है।
सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर को लगातार योजना में अपात्रों के चयन की शिकायतें मिल रहीं थीं। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सीडीओ ने सभी बीडीओ को तैयार की गई स्थाई पात्रता सूची में चयनित लाभार्थियों के पात्रता की जांच का आदेश दिया था। आदेश में सभी बीडीओ से इस बात का प्रमाण पत्र मांगा गया था कि अब उनके ब्लॉक में तैयार आवास सूची में किसी भी अपात्र का नाम नहीं शामिल है।
सीडीओ के आदेश पर दोबारा जांच हुई तो जिले भर में कुल 1199 अपात्र पाए गए। सीडीओ ने बताया कि दोबारा सत्यापन कराने पर बहादुरपुर में 46, भेटुआ में एक, गौरीगंज में तीन, जगदीशपुर में सात, जामो में 148, मुसाफिरखाना में 124, संग्रामपुर में 197, बाजार शुकुल में 11, सिंहपुर में 204 तो तिलोई में 431 अपात्र पाए गए हैं।
सीडीओ ने कहा कि सभी बीडीओ को निर्देश दिया गया है कि पीएम व सीएम आवास योजना में लाभार्थी चयन प्रक्रिया के शुरुआती दौर में ही इसका ध्यान रखा जाए कि किसी भी अपात्र का नाम सूची में शामिल न हो। इसके लिए पंचायत सचिव की ओर से तैयार की गई सूची को अपने स्तर से दोबारा सत्यापन कराने के बाद ही पोर्टल पर फीड कराया जाए। बावजूद इसके अपात्र मिलने पर दोषी कर्मी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बीडीओ की जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी दी है।