अंबेडकरनगर। नेशनल हाईवे को छोड़कर यहां यात्री गांव-गली के मार्ग तलाश रहे हैं। इसे भले ही विडंबना माना जाए, लेकिन अकबरपुर-जौनपुर मुख्य मार्ग को लेकर यह सच साबित हो रहा है। पढ़ने व सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन यह पूरी तरह से सच है कि नेशनल हाईवे पर चलने की बजाय यात्री रास्ता बदलकर गुजरने को मजबूर हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि लगभग आठ किमी. दूरी तक सड़क का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। तमाम कोशिशों के बाद भी पिछले एक वर्ष से इस सड़क की न तो मरम्मत हो पाई है और न ही सड़क का नए सिरे से निर्माण हो पा रहा है। इसके चलते प्रतिदिन लगभग 15 हजार यात्रियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
अकबरपुर से मालीपुर होकर जौनपुर व वाराणसी तक जाने वाले मार्ग को लगभग एक वर्ष पूर्व नेशनल हाईवे का दर्जा मिल गया। इसके बाद से इस सड़क की देखरेख की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी से हटकर नेशनल हाईवे अथॉरिटी के वाराणसी डिवीजन के पास चली गई। कहने को तो इस मार्ग का दर्जा नेशनल हाईवे का हो गया, लेकिन यही दर्जा मिलना इन दिनों स्थानीय यात्रियों के लिए अभिशाप बन गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि सड़क की देखभाल न होने के चलते यह सड़क लगभग आठ किमी. की दूरी तक अपने अस्तित्व से जूझती नजर आ रही है।
अकबरपुर से जौनपुर जाने पर मरैला जेल से कुछ दूर आगे बढ़ते ही सड़क की बदहाली शुरू हो जाती है। इसके बाद खजुरी बाजार तक यह सड़क इस तरह क्षतिग्रस्त हो गई है कि कोई भी एक कदम किसी यात्री का ऐसा नहीं पड़ सकता, जो गड्ढे में न जाए। हालात इतने खराब हैं कि कार व जीप की बात तो दूर, बाइक तक से इधर से गुजरना सुरक्षित नहीं रह गया है। इसके चलते ही ज्यादातर यात्री अब गांव-गली के मार्गों का सहारा लेकर आवागमन करने को विवश हो रहे हैं।
इसे बड़ी विडंबना ही कहा जाएगा कि नेशनल हाईवे को छोड़कर यात्रियों को गांव के भीतर वाले मार्गों से होकर जाना पड़ रहा है। वे मार्ग अत्यंत संकरे तथा घुमावदार हैं। इसके बावजूद यात्रियों को उन्हीं मार्गों से होकर गुजरने में ज्यादा भलाई समझ में आ रही। पिछले एक वर्ष से हजारों यात्री इस मुसीबत से जूझ रहे हैं, लेकिन इसके निदान की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
एमएलसी ने किया है हस्तक्षेप
एमएलसी हरिओम पांडेय ने बीते दिनों नेशनल हाईवे अथॉरिटी को पत्र भेजकर इस मार्ग की अविलंब विधिवत मरम्मत कराने को कहा है। उन्होंने मुख्य अभियंता से दूरभाष पर बात भी की। कहा कि संबंधित मार्ग की हालत अत्यंत खराब है। पैच वर्क से राहत मिलने वाली नहीं है। सड़क की विधिवत मरम्मत कराई जाए या फिर तत्काल नए सिरे से काम शुरू कराया जाए।
मरम्मत के लिए भेजे गए हैं प्रस्ताव
सड़क की बदहाली की जानकारी है। सड़क की विधिवत मरम्मत के प्रस्ताव भेजे गए हैं। नए सिरे से भी निर्माण होना है। जरूरी मंजूरी दिलाने के प्रयास हो रहे हैं।
-अरुण कुमार सिंह, अधिशाषी अभियंता नेशनल हाईवे वाराणसी