केदारनगर। आर्थिक तंगी में गुजर रही जिंदगी के बीच मौसम की मार से बर्बाद हुई फसल के सदमे ने एक नवयुवक किसान की जान ले ली। फरवरी में उसके सिर पर सेहरा बंधने की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इससे पहले ही उसने फांसी लगाकर जान दे दी। पिता की मौत के बाद मां, छोटे भाई व छोटी बहन की जिम्मेदारी का बोझ उठा रहे इस युवक की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मामला इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर भारीडीहा गांव का है। बताया जाता है कि राजेश कुमार कनौजिया (30) के पिता रामसेवक की मौत कुछ वर्ष पहले हो चुकी है। परिवार में उसकी मां के अलावा उसका एक 14 वर्षीय भाई व एक 10 वर्षीय बहन है। उन सभी के खर्च उठाने की जिम्मेदारी उस पर थी। केसीसी आदि के जरिए उसने अपने हिस्से के करीब एक बीघा खेत में धान की फसल लगाई थी। मेहनत व मजदूरी के बलबूते किसी तरह परिवार का खर्च चल रहा था। आगामी फरवरी में उसकी शादी भी तय हो चुकी थी।
खेत में लहरा रही फसल से उसे काफी उम्मीद थी। बेहतर पैदावार हो जाने पर वैवाहिक कार्य में मदद मिलने का भरोसा था। हालांकि शायद ईश्वर को यह मंजूर नहीं था। परिवारीजनाें के अनुसार बीते दिनों आई आंधी व बारिश ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खेतों में धराशायी हुई फसल के चलते वह पूरी तरह टूट गया। बताया जाता है कि वह बर्बाद हुई फसल को देखकर अक्सर चिंतित रहने लगा था।
गुरुवार को सुबह खेत से लौटने के बाद कुछ ज्यादा परेशान था। परिजनों व ग्रामीणों के मुताबिक बर्बाद हुई धान की फसल व भविष्य में वैवाहिक आयोजन को लेकर बढ़ने वाले खर्च को सोचकर वह शायद टूट गया। इसके चलते ही उसने गुरुवार देर शाम घर के निकट स्थित पेड़ में फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना पर इब्राहिमपुर पुलिस टीम गांव पहुंची। युवक की मौत होने से परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एनटीपीसी से नौकरी छोड़ने के बाद था परेशान
भारीडीहा निवासी राजेश एनटीपीसी में किसी ठेकेदार के साथ मजदूरी आदि करता था। कुछ समय पहले ही उसने नौकरी छोड़ दी थी। पूछताछ में पता चला कि वहां से काम छोड़ने के बाद से वह परेशान चल रहा था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल फसल बर्बाद होने से सदमे की जानकारी उन्हें नहीं मिली है।
- प्रमोद कुमार सिंह, थानाध्यक्ष इब्राहिमपुर