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नई क्लास में पुरानी किताब से पढ़ाई

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अंबेडकरनगर। ग्रीष्मावकाश के बाद 16 जून से परिषदीय विद्यालय खुल रहे हैं। यह अलग बात है कि विद्यालय पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं के हाथों में पुरानी पुस्तकें होंगी। कारण यह कि नई पुस्तकें अब तक जिले में नहीं पहुंच सकी हैं। पहले दिन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की अधिक से अधिक उपस्थिति दर्ज हो सके, इसके लिए विभाग ने जरूरी इंतजाम का दावा किया है। स्कूल की साफ सफाई से लेकर अन्य जरूरी प्रबंध पूर्ण कर लेने का दावा भी विभाग ने किया है।
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जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 1062 प्राथमिक, 283 कम्पोजिट व 237 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में गत 15 मई से ग्रीष्मावकाश हो गया था। एक माह के अवकाश के बाद अब 16 जून से एक बार फिर से विद्यालय खुलने जा रहे हैं। शासन ने पहले ही दिन से विद्यालयों में शिक्षण कार्य सुचारु रूप से प्रारंभ किए जाने का निर्देश दिया है। इसे देखते हुए विद्यालय में छात्र-छात्राओं की शत-प्रतिशत मौजूदगी तय करने की कोशिशें की गई हैं। सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि वे अभियान चलाकर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से मुलाकात करें। उन्हें प्रेरित करें कि वे अपने बच्चों को विद्यालय भेजें। इसके साथ ही 16 जून से 20 जून तक ब्लॉक स्तरीय प्रधानाध्यापकों की बैठक कर शिक्षण कार्य की तैयारियों की समीक्षा किए जाने का भी निर्णय विभाग ने लिया है।
विद्यालय में बेहतर शिक्षा का माहौल उत्पन्न करने के लिए विद्यालय को सजाने व सुचारु रूप से एमडीएम योजना का लाभ भी छात्र-छात्राओं को दिलाए जाने का निर्देश है। हालांकि इन सबके बीच सुचारु शिक्षण कार्य में सबसे बड़ी बाधा नई पुस्तकों का छात्र-छात्राओं को न मिलना है। वैसे तो नए शिक्षा सत्र अप्रैल माह में ही संबंधित परिषदीय विद्यालयों मेें पढ़ रहे दो लाख चार हजार छात्र-छात्राओं के हाथों में नई पुस्तकें होनी चाहिए थीं, लेकिन अब तक नहीं मिल सकी हैं। कारण यह कि राज्य स्तर पर तो टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, लेकिन इसके आगे की प्रक्रिया नहीं बढ़ पाई है। एसे में ग्रीष्मावकाश के बाद खुल रहे स्कूल में छात्र-छात्राओं को या तो बगैर पुस्तक या फिर पुरानी पुस्तक के सहारे ही शिक्षा हासिल करनी होगी।
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गुब्बारे से सजेंगे विद्यालय
बीएसए कार्यालय के अनुसार छात्र-छात्राओं को विद्यालय में बेहतर माहौल मिल सके, इसके लिए मुख्य गेट से कक्ष तक को गुब्बारे व रंग बिरंगी झंडी से सजाने के आदेश प्रधानाध्यापकों को दिए गए हैं। इसके अलावा परिसर में साफ सफाई व रंगरोगन किए जाने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। शौचालय व पेयजल की समुचित व्यवस्था के साथ ही मीनू के अनुसार ही एमडीएम योजना के तहत भोजन उपलब्ध कराने को कहा गया है।
बढ़ाया जाए अवकाश
भीषण गर्मी को देखते हुए अभिभावकों ने अवकाश को बढ़ाए जाने की मांग की है। अकबरपुर के पंकज कुमार व गौतम ने कहा कि मौजूदा समय में आसमान से आग बरस रही है। भीषण गर्मी का दौर है। ऐसे माहौल में स्कूल का खोला जाना बच्चों के स्वास्थ्य के हित में नहीं है। ऐसे में छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए अवकाश को बढ़ाया जाए। भीटी के लालजी व रामकेवल ने कहा कि भीषण गर्मी में हीट स्ट्रोक व डायरिया के प्रकोप की संभावना अधिक है। ऐसे में इससे बचाने के लिए अवकाश को बढ़ाए जाने की जरूरत है।
बेहतर ढंग से होगा स्कूलों का संचालन
बेहतर ढंग से स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो, इसके लिए सभी प्रधानाध्यापकों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसकी नियमित समीक्षा भी की जाएगी। शत-प्रतिशत बच्चों का स्कूल पहुंचना तय कराया जाएगा। किताबों की उपलब्धता के लिए जरूरी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। -भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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