तीन माह से निरस्त या डॉयवर्ट चल रही थीं ज्यादातर ट्रेनें
संवाद न्यूज एजेंसीअंबेडकरनगर। रेल यात्रियों को लंबे समय बाद बड़ी राहत मिली है। लगभग एक दर्जन ट्रेनों का निरस्तीकरण व रूट डायवर्जन समाप्त हो गया है। सभी ट्रेन अब अकबरपुर स्टेशन से होकर गुजरने लगी हैं। यात्रियों को आवागमन में सुविधा बढ़ी है तो वहीं रेलवे के राजस्व में भी सुधार हुआ है।
बाराबंकी से अयोध्या व अकबरपुर होते हुए जाफराबाद तक रेलव लाइन दोहरीकरण का काम होने, वाराणसी में रेल यार्ड की मरम्मत होने आदि के चलते पिछले तीन माह से ट्रेनों का सुचारू संचालन अकबरपुर से नहीं हो रहा था। करीब एक दर्जन ट्रेनें ऐसी थीं जो या तो निरस्त थीं या फिर उनका मार्ग परिवर्तित कर दिया गया था। बीते दिनों अयोध्या राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को देखते हुए साबरमती, कैफियत व मरुधर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें जो चल रहीं थीं उन्हें भी निरस्त कर दिया गया था।
चार दिन तक अकबरपुर रेलवे स्टेशन से होकर कोई भी ट्रेन नहीं गुजरी। इससे यात्रियों की मुश्किलें और भी बढ़ी हुई थीं। अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह शांतिपूर्ण ढंग से निपट जाने तथा दोहरीकरण से जुड़े कई प्रकार के कार्य पूर्ण हो जाने के चलते अब ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया। इनमें से कुछ ट्रेनें 25 जनवरी की शाम से गुजरीं तो वहीं ज्यादातर ट्रेनों का संचालन 26 जनवरी से हुआ।
दून एक्सप्रेस, सियालदह एक्सप्रेस जैसी जिन ट्रेनों का संचालन एक माह से भी अधिक लंबे समय से बंद था, उनका आवागमन अब फिर से शुरू हो गया है। इससे कोलकाता, धनबाद, गया, चंडीगढ़, अमृतसर, जम्मू व दिल्ली आदि जाने वाले यात्रियों को लाभ मिलने लगा है। कई अन्य ट्रेनों का रूट डॉयवर्जन व निरस्तीकरण भी समाप्त हो गया है। इससे यात्रियों की मुश्किलें अब दूर हो चली हैं।
अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर हावड़ा जाने के लिए मिलीं वृद्ध महिला सुनीता ने कहा कि सियालदह एक्सप्रेस अकबरपुर होकर न चलने से दिक्कत हो रही थी। मैं इस स्थिति में नहीं थी कि दूरदराज के शहर जाकर वहां से ट्रेन पकड़ सकूं। अब फिर से ट्रेन इधर से चलने लगी है तो अब मैंने कोलकाता जाने का निर्णय लिया है।
चंडीगढ़ जाने के लिए आए रफीगंज के श्रीधर ने कहा कि मुझे निजी नौकरी के सिलसिले में वहां जाना था। सीधी ट्रेन न होने की वजह से मैं नहीं जा पा रहा था। इसी तरह कई अन्य यात्रियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कहा कि ट्रेनों को इतने लंबे समय तक डायवर्ट या फिर निरस्त करना ठीक नहीं है। रेलवे प्रशासन को ऐसे निर्णय लेते समय यात्रियों के हितों का ध्यान रखना चाहिए।
रेलवे को भी हुआ फायदा
ज्यादातर ट्रेनों का संचालन न होने से अकबरपुर व मालीपुर रेलवे स्टेशन की दैनिक आय लगभग आधी हो गई थी। मालीपुर रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन की आय घटकर एक लाख से कम हो गई थी तो वहीं अकबरपुर में तीन लाख रुपये से भी कम का राजस्व मिल रहा था। ऐसा इसलिए क्योंकि सभी प्रमुख ट्रेनें इस रूट से होकर जाना बंद हो गईं थीं। अब सभी ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू हुआ है तो दोनों स्टेशनों की आय में सुधार हो रहा है। माना जा रहा है कि अगले दो तीन दिन में दोनों रेलवे स्टेशनों के राजस्व में पुरानी स्थिति बहाल हो जाएगी। इससे मालीपुर में तीन से चार लाख रुपये जबकि अकबरपुर में सात से आठ लाख रुपये के राजस्व की प्राप्ति हो सकेगी।