केदारनगर (अंबेडकरनगर)। जल्दबाजी में समारोह पूर्वक लोकार्पण तो कर दिया गया, लेकिन अब तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एनवां का संचालन नहीं हो सका है। और तो और परिसर में ट्रांसफार्मर तो लगा दिया, लेकिन विद्युत कनेक्शन तक नहीं हो सका है। देखरेख के अभाव में परिसर में एक तरफ जहां चारों तरफ गंदगी का साम्राज्य है, तो वहीं ट्रांसफार्मर झाड़झंखाड़ में छिप गया है। पीएचसी का संचालन न होने से संबंधित क्षेत्र के मरीजों को सीएचसी टांडा या फिर जिला अस्पताल तक की दौड़ लगानी पड़ती है। स्थानीय ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पीएचसी का संचालन प्रारंभ हो सके, इसे लेकर जिम्मेदारों को गंभीरता दिखानी होगी।
एनवां व आसपास के क्षेत्र के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े या फिर सीएचसी टांडा व जिला अस्पताल तक की दौड़ न लगानी पड़े, इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एनवां में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण को हरी झंडी दी थी। एक करोड़ 42 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले पीएचसी के निर्माण में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा न हो, इसके लिए कार्यदायी संस्था को जरूरी राशि भी उपलब्ध करा दी गई। पीएचसी के निर्माण से क्षेत्र के नागरिकों ने स्वागत किया था। दरअसल एनवां व आसपास के क्षेत्र के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए सीएचसी टांडा के साथ ही जिला अस्पताल तक की दौड़ लगानी पड़ती थी। पीएचसी के निर्माण से उन्हें इस प्रकार की दौड़ लगाने से राहत मिलने की उम्मीद थी।
वर्ष 2017 में सत्ता परिवर्तन हुआ, तो निर्माण कार्य की गति धीमी पड़ गई। लगभग दो वर्ष पूर्व 2019 में भवन का निर्माण पूर्ण हो गया। इंतजार था कि भवन का लोकार्पण हो और इसका संचालन प्रारंभ हो। लगभग दो वर्ष बाद इंतजार के बाद बीते दिनों जनपद दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह पूर्वक इसका लोकार्पण भी कर दिया। इसके बाद उम्मीद थी कि अब पीएचसी का संचालन प्रारंभ हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब तक पीएचसी का संचालन नहीं हो सका।
शीघ्र शुरू हो पीएचसी का संचालन
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विजय यादव ने कहा कि अथक प्रयास के बाद पीएचसी का निर्माण क्षेत्र में हो सका। अब जबकि लोकार्पण हो चुका है, तो इसके बाद भी संचालन नहीं प्रारंभ हो सका है। इससे मरीजों को बेहतर इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। एनवां के अरुण पांडेय, रामसजन पांडेय, अवधेश मौर्या, विजयभान मिश्र ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे इंतजार के बाद पीएचसी भवन का लोकार्पण तो कर दिया गया, लेकिन अब तक इसके संचालन की सुध नहीं ली गई। उम्मीद थी कि लोकार्पण के बाद संचालन प्रारंभ हो जाएगा, जिससे मरीजों को सीएचसी टांडा या फिर जिला अस्पताल तक की दौड़ से राहत मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मरीजों के हित को देखते हुए शीघ्र ही संचालन प्रारंभ किया जाए।