अंबेडकरनगर से रायबरेली को जाने वाला एनएच मार्ग इस तरह है बदहाल।
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अंबेडकरनगर। टांडा से रायबरेली का एनएच गड्ढों के नेशनल हाईवे में तब्दील हो गया है। इससे यात्री झटके खा रहे हैं। निर्माण के साथ ही इस हाईवे के घटिया निर्माण की पोल खुलने लगी थी, जिसका बड़ा खामियाजा लगातार सामने आ रहा है। हालत यह है कि लगभग प्रतिदिन सड़क पर पैच लगाने के बाद भी स्थिति नहीं सुधर पा रही है। इधर, सड़क की मरम्मत कर कर्मचारी आगे बढ़ते हैं, तो उसके तुरंत बाद से ही सड़क उखड़नी शुरू हो जाती है। सबसे ज्यादा खराब हालत महरुआ बाजार के निकट से लेकर सुल्तानपुर जनपद के कटका बाजार तक है, जबकि अकबरपुर नगर से टांडा तक भी यह सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है।
टांडा से बांदा तक नेशनल हाईवे का निर्माण कराया गया है। दो चरणों में हुए इस निर्माण के एक खंड में टांडा से अकबरपुर व सुल्तानपुर होते हुए रायबरेली तक निर्माण कराया गया, जबकि दूसरे चरण में रायबरेली से बांदा तक निर्माण हुआ। अंबेडकरनगर जनपद से होकर सुल्तानपुर तक जाने वाले 75 किमी लंबे नेशनल हाईवे के निर्माण में बरती गई धांधली का खामियाजा लगातार सामने आ रहा है। हालत यह है कि टांडा से लेकर सुल्तानपुर तक यह नेशनल हाईवे गड्ढों के एनएच के तौर पर पहचाना जाने लगा है। जिला मुख्यालय पर कटरिया याकूबपुर बाग के निकट से लेकर टांडा नगर के निकट तक एनएच पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। नेशनल हाईवे कई जगह धंस गया है।
इस मार्ग पर प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है। इससे उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद अकबरपुर से लेकर महरुआ के पहले तक तो कुछ कुछ दूर पर गड्ढे हैं, लेकिन इसके बाद नेशनल हाईवे की हालत अत्यंत खराब है। महरुआ से अकबरपुर रोड पर 5 किमी दूरी से लेकर महरुआ बाजार के आगे सुल्तानपुर जनपद के सेमरी व पीढ़ी होते हुए कटका तक पूरा नेशनल हाईवे कदम-कदम पर क्षतिग्रस्त है। हालत यह है कि लगभग प्रतिदिन सड़क की मरम्मत कर निर्माण में बरती गई धांधली को छिपाने का प्रयास होता रहता है, लेकिन इसका भी कोई लाभ आम नागरिकों को नहीं मिल पा रहा है।
बाधित होता रहता है आवागमन
सड़क की मरम्मत लगभग प्रतिदिन किए जाने से इस नेशनल हाईवे पर आवागमन भी बाधित होता रहता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मरम्मत के समय लगभग आधी सड़क को बाधित कर दिया जाता है। ऐसे में कई बार जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। स्थानीय सुरेश तथा श्रीशंकर ने कहा कि यदि निर्माण के समय ही धांधली बरते जाने पर कार्रवाई की गई होती, तो इस तरह की स्थिति सामने न आती। महरुआ निवासी दीपक व प्रेमलाल का कहना था कि निर्माण के समय कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कार्यदायी संस्था के प्रभाव के चलते कोई सुनवाई नहीं हो सकी। इसका खामियाजा अब नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
एनएच को भेजेंगे पत्र
सड़क निर्माण व मरम्मत में यदि कहीं लापरवाही बरती गई होगी, तो एनएच को पत्र भेजा जाएगा। जरूरी मरम्मत सुनिश्चित कराते हुए यात्रियों व नागरिकों को राहत दिलाई जाएगी।
-अशोक कनौजिया, एडीएम