अंबेडकरनगर। प्रदेश सरकार की ओर से संचालित विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के नए सत्र का लक्ष्य निर्धारित हुआ है। इस वर्ष एक हजार पंजीकरण होगा। पंजीकृत कारीगरों को 10 दिन का प्रशिक्षण, मानदेय और टूल किट दी जाएगी। इसका लाभ वे अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में कर सकेंगे।
पिछले सत्र में 850 पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष 12 हजार से अधिक लोगोंं ने आवेदन किया था। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का चालू सत्र का प्रदेश सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है। उद्योग विभाग को इसका पत्र प्राप्त हो गया है। एक हजार कुशल कारीगरों की योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके तहत कारीगरों को 10 दिन का प्रशिक्षण और प्रतिदिन चार सौ रुपये मानदेय मिलेगा। प्रशिक्षण संपन्न होने के बाद कारीगर को टूलकिट भी दी जाएगी। इसमें प्रशिक्षण से संबंधित औजार होंगे। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं।
इनको मिलेगा लाभ
लोहार, नाव बनाने वाला, औजार बनाने वाला, ताला बनाने वाला, मूर्तिकला, सोने के आभूषण, कुम्हारी कला, मोची, राजमिस्त्री, झाडू चटाई बनाने वाला, खिलौना गुड़िया बनाने वाले, माली, धोबी, जाल बनाने वाला, हथौड़ा बनाने वाला, नाई, बढ़ईगीरी करने वालों को संबंधित कार्य का प्रशिक्षण देकर निपुण बनाने के साथ ही रोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
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विधिवत की जाएगी जांच
उपायुक्त उद्योग एस सिद्दीकी ने बताया कि शासन से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए एक हजार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्रता की जांच की जाएगी। चयनित लोगोंं को प्रशिक्षण के बाद टूलकिट दी जाएगी।