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तालियों की गड़गड़ाहट के बीच संक्रमित डिस्चार्ज

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अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में मॉक ड्रिल के दौरान डमी मरीज का इलाज करते चिकित्सक। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए शासन के निर्देश पर शुक्रवार को जिले के 6 एल-1 व एल-1 प्लस अस्पताल में मॉकड्रिल हुआ। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर व जिला अस्पताल में संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य यूसी तिवारी व डीएम सैमुअल पॉल एन के नेतृत्व में चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों ने मॉकड्रिल में भागीदारी की। इसमें डमी मरीज की जांच से लेकर भर्ती करने व ठीक होने के बाद उसे डिस्चार्ज करने तथा अधिक बीमार होने पर तत्परता के साथ रेफर करने का अभ्यास हुआ। चिकित्सकों व कर्मचारियों को निर्देशित किया कि समय रहते सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर लें। किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उधर, टांडा, भीटी, जलालपुर व भियांव स्थित अस्पताल में भी मॉकड्रिल किया गया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कई जगह ठीक हुए डमी मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इनमें ज्यादातर बच्चे थे।
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कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने को लेकर शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संभावित तीसरी लहर को देखते हुए जिले में राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर, जिला अस्पताल, सीएचसी टांडा, भियांव, जलालपुर व भीटी में एल-1 व एल-1 प्लस अस्पताल की स्थापना की जा चुकी है। इन अस्पतालों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं भी लगभग कर पूरी ली गई हैं। इस बीच शुक्रवार को शासन के निर्देश पर जिले के सभी एल-1 व एल-1 प्लस अस्पताल में मॉकड्रिल का आयोजन हुआ।
डीएम सैमुअल पॉल एन व संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अयोध्या मंडल डॉ. यूसी तिवारी के नेतृत्व में जिला अस्पताल व राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में मॉकड्रिल हुआ। इस दौरान डमी मरीज को अस्पताल तक लाने, उसकी सभी जांच किए जाने, कोरोना पॉजिटिव मिलने पर उसे अस्पताल में भर्ती करने, इलाज के बाद ठीक होने पर उसे डिस्चार्ज करने या फिर हालत गंभीर होने पर रेफर करने का अभ्यास स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने किया। डीएम ने कहा कि बच्चों समेत सभी तरह के कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती करने व इलाज करने की प्रक्रिया प्राथमिकता के साथ पूरी की जाए। डॉ. तिवारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि समय रहते सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
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उधर सीएचसी नगपुर में अपर सीएमओ डॉ. हसीन सईद के नेतृत्व में मॉकड्रिल हुआ। इसमें पहले लगभग 10 वर्षीय बालिका अनन्या को एंबुलेंस से अस्पताल में लाया गया। इसकी जांच हुई। कोरोना पॉजिटिव मिलनेे पर उसे अस्पताल में बच्चों के लिए बनाए गए 10 बेड वाले वार्ड में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद जब वह ठीक हो गई, तो तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उसे डिस्चार्ज किया गया। इस दौरान डॉ. अनिल त्रिपाठी, बीपीएम डॉ. संजीव कुमार, डॉ. विवेक वर्मा आदि मौजूद रहे। इसके अलावा भीटी, भियांव, टांडा में भी मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। यहां भी बच्चों के प्रतीकात्मक तौर पर ठीक होने के बाद डिस्चार्ज करते समय तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया गया।
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