अंबेडकरनगर। धान की रोपाई करना मौजूदा समय में किसानों के लिए मुश्किल हो रहा है। कारण यह है कि डीएपी के दाम एक मुश्त डेढ़ सौ रुपये बढ़ गए हैं। रबी की फसल के दौरान जहां डीएपी 1200 रुपये प्रति बोरी मिल रही थी, तो वहीं मौजूदा समय में 1350 रुपये में किसानों को खरीदनी पड़ रही है। इतना ही नहीं सुपर खाद के दाम भी 380 रुपये से बढ़कर 570 रुपये प्रति बोरी हो गए हैं। इससे किसानों को तगड़ी चपत लग रही हैै।
मौजूदा समय में धान की रोपाई का कार्य तेजी से चल रहा है। बेहतर उपज के लिए डीएपी की जरूरत पड़ती है। इसके साथ ही सुपर खाद का भी प्रयोग किया करते हैं। अंबेडकरनगर जनपद को धान की खेती के लिए अग्रणी जनपद के रूप में माना जाता है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में एक लाख 17 हजार हेक्टेअर क्षेत्रफल में मौजूदा समय में तीन लाख 45 हजार किसान रोपाई कर रहे हैं।
किसानों को 105 समितियों व 540 निजी दुकानों से उर्वरक की उपलब्धता कराई जाती है। रोपाई का कार्य प्रारंभ हुआ, तो धान किसानों को तगड़ा झटका लगा। कारण यह है कि डीएपी के साथ-साथ सुपर खाद के दाम में बड़ी वृद्धि हो गई है। अब सिंचाई आदि समस्याओं से जूझ रहे किसानों को डीएपी व सुपर खाद के दाम में वृद्धि होने से आर्थिक दिक्कतें हो रही हैं।
बोले किसान, बढ़े दाम वापस लिए जाएं
अकबरपुर के किसान प्रदीप वर्मा ने कहा कि लगभग 18 बीघा क्षेत्रफल में धान की रोपाई की है। एक बीघे में औसतन एक बोरी डीएपी व दो बोरी सुपर खाद की जरूरत पड़ती है। ऐसे में एक साथ खाद के दाम में बड़ी वृद्धि होने से अतिरिक्त आर्थिक चपत लगी है। समुचित बारिश न होने से सिंचाई के लिए वैकल्पिक संसाधनों का प्रयोग करना पड़ रहा है। इससे लागत निकलना भी मुश्किल लग रहा है। किसान भारत यादव ने कहा कि जिस खाद की अधिक जरूरत है, उसका दाम तेजी से बढ़ा दिया गया। किसानों के हित को देखते हुए बढ़े दाम को अविलंब वापस लिया जाना चाहिए। किसानों का कहना है कि खाद के दाम में बढ़ोतरी से तमाम तरह की दिक्कत सामने आएंगी।
किसान अवश्य लें बिल
किसान किसी भी प्रकार की उर्वरक खरीदने के दौरान दुकानदार से ई-पॉस से बिल जरूर लें। इससे दुकानदार अधिक दाम नहीं ले सकेंगे।
-पीयूष राय, जिला कृषि अधिकारी