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परीक्षा ड्यूटी को लेकर शिक्षकों में असमंजस

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अंबेडकरनगर। जिले के 1582 परिषदीय स्कूलों में बुधवार से वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। हालांकि यूपी बोर्ड परीक्षा में मनमाने तरीके से ड्यूटी लगाए जाने से परिषदीय शिक्षकों में मंगलवार को अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। कारण यह कि सभी 9 ब्लॉकों में तमाम ऐसे परिषदीय स्कूल हैं, जहां के सभी शिक्षकों की ड्यूटी 24 मार्च से शुरू होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा में लगा दी गई है। मंगलवार को शिक्षकों में यह असमंजस बना रहा कि वे बोर्ड परीक्षा कराएं या फिर अपने विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा। शिक्षकों के बीच इस उहापोह की स्थिति को देखते हुए शिक्षक संगठनों ने बीएसए से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की। बीएसए ने बताया कि जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
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कोरोना के चलते दो वर्ष बाद परिषदीय स्कूलों में परीक्षा हो रही है। 1582 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में इसकी तैयारी भी पूरी हो चुकी है। 23 मार्च से सभी विद्यालयों में परीक्षा शुरू होगी। इसमें एक लाख 56 हजार छात्र-छात्राएं हिस्सा लेंगे। परीक्षा का समापन 28 मार्च को होगा। फिलहाल इसी बीच 24 मार्च से यूपी बोर्ड परीक्षा भी शुरू हो रही है। यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए बोर्ड द्वारा कई सख्त कदम उठाए गए हैं।
इसी क्रम में 1381 परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी यूपी बोर्ड परीक्षा में लगा दी गई। इनमें से तमाम विद्यालय ऐसे हैं, जहां या तो सभी शिक्षकों या फिर ज्यादातर की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा के लिए तय कर दी गई। ऐसे में परिषदीय शिक्षक अपने विद्यालय के बच्चों की परीक्षा कराएं, या फिर यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करें यह समस्या उनके सामने खड़ी हो गई है। शिक्षकों का कहना है कि ड्यूटी लगाने में यूपी बोर्ड प्रशासन की ओर से मनमानी की गई है। कई स्कूल ऐसे हैं, जहां सभी शिक्षकों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगा दी गई है। ऐसे में उन विद्यालयों में या तो शिक्षामित्र परीक्षा के लिए बचे हैं या फिर अनुदेशक। बोर्ड परीक्षा से ड्यूटी का पत्र मिलने के बाद शिक्षकों में उहापोह की स्थिति में है।
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इसे लेकर सभी 9 ब्लॉकों के शिक्षकों में मंगलवार को अफरातफरी की स्थिति बनी रही। शिक्षक इसे लेकर परेशान थे कि वे अपना विद्यालय देखें या फिर बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी का निर्देश। शिक्षकों की इस मुश्किल को देखते हुए कई शिक्षक संगठन आगे आए। उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की।
शिक्षक संगठनों ने जतायी आपत्ति
उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष राघवेंद्र शुक्ल ने शिक्षकों के साथ बीएसए से मुलाकात कर आपत्ति जताई। उनसे कहा कि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के ज्यादातर शिक्षकों की ड्यूटी यूपी बोर्ड परीक्षा में लगा दी गई है। ऐसे में 23 मार्च से होने वाली बेसिक स्कूलों की परीक्षा प्रभावित होगी। शिक्षकों को ड्यूटी से मुक्त किए जाने की जरूरत है। शिक्षकों के सामने परीक्षा कराने के साथ ही कॉपी जांचने व रिजल्ट बनाने की भी जिम्मेदारी है। ऐसे में इन सबके साथ-साथ यूपी बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी कर पाना संभव नहीं होगा। जूूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ओंकारनाथ पांडेय व महामंत्री मधुकर पांडेय ने भी बीएसए से मिलकर ज्ञापन सौंपा। कहा गया कि परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी से निजात दिलायी जाए। ऐसा न होने पर परिषदीय विद्यालयों की परीक्षा प्रभावित होगी।
जल्द होगा समस्या का समाधान
यूपी बोर्ड को शिक्षकों की सूची सौंपी गई थी। वहां से ऑनलाइन ड्यूटी लगाए जाने के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई। डीआईओएस के माध्यम से बोर्ड से संपर्क किया गया है। जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा। जरूरी प्रक्रिया चल रही है। दोनों ही परीक्षाएं बेहतर ढंग से संपन्न करायी जाएंगी। किसी को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
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-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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