अंबेडकरनगर के अकबरपुर रोडवेज पर बसों के इंतजार में भटकते यात्री।
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर बस स्टेशन में 57 बसों के बेड़े में से 25 बसें सोमवार को सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुल्तानपुर जनपद में होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने के लिए चली गईं। ऐसे में मात्र 32 बसें ही सड़क पर उतर सकीं। नतीजा यह हुआ कि बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को गंतव्य तक जाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यात्री दिनभर बसों के लिए इधर-उधर भटकते रहे। इससे नाराज यात्रियों ने कहा कि यदि बसों को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में भेजना था, तो जिम्मेदारों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सुल्तानपुर जनपद के कूड़ेभार में पहुंचकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। उनके कार्यक्रम को देखते हुए अकबरपुर बस स्टेशन से 25 बसें सुल्तानपुर भेज दी गईं। अकबरपुर बस स्टेशन में कुल 57 बसें हैं। इनमें से 25 बसें सुल्तानपुर चली गईं। नतीजा यह रहा कि सोमवार को डिपो की मात्र 32 बसें ही सड़क पर उतर सकीं। आसपास के जनपदों के डिपो की भी लगभग आधी बसों को पीएम के कार्यक्रम में भेज दिया गया। बसों की संख्या कम होने का सीधा असर यात्रियों पर पड़ा। यात्री दिनभर गंतव्य तक जाने के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
रसड़ा जाने के लिए बस स्टेशन पर बस का इंतजार करते मिले राजेश कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि बसों को सुल्तानपुर भेजना ही था, तो यात्रियों के हित को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी। कानपुर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे रामबदर ने कहा कि यात्रियों के हित की किसी को चिंता ही नहीं है। यदि चिंता होती, तो इस प्रकार से यात्रियों को परेशान न होना पड़ता।
अयोध्या में परिवार के साथ परिक्रमा कर बिलारियागंज जाने के लिए अकबरपुर बस स्टेशन पर मिले अरविंद सिंह ने कहा कि वे तीन घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक बस नहीं मिल सकी है। ऐसे तमाम यात्रियों ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि इस तरह से सरकारी तंत्र का दुरुपयोग उचित नहीं है। कई यात्रियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि इसी तरह की मनमानी कई बार गंभीर नतीजे देती है।