आलापुर (अंबेडकरनगर)। सुमित्रा देवी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज आलापुर में कई शिक्षकों के पद रिक्त होने से बालिकाओं को बेहतर शिक्षा नहीं मिल पा रही। गणित, विज्ञान व संस्कृत समेत कई अन्य महत्वपूर्ण विषय के पद यहां लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में संबंधित विषयों की पढ़ाई समुचित ढंग से नहीं हो पा रही। कई छात्राएं इन विषयों को पढ़ने के लिए कोचिंग का सहारा ले रही हैं। यहां खाली पदों को भरने की मांग लंबे समय की जा रही है, लेकिन अब तक इसे लेकर कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई जा सकी है।
विकास पुरुष कहे जाने वाले समाजसेवी स्व. पंडित सालिक राम शुक्ल ने अथक प्रयास से अपने गांव में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की स्थापना कराई थी। बालिकाओं को शिक्षा ग्रहण करने के लिए दूर न जाना पड़े इसके लिए यहां लगभग सभी विषयों की पढ़ाई की मान्यता मिली। हाईस्कूल में कुल सात विषय हिंदी, विज्ञान, गृहविज्ञान, गणित, अंग्रेजी, संस्कृत व कला जबकि इंटरमीडिएट में 10 विषय हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, नागरिक शास्त्र, इतिहास, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व गणित विषय की स्वीकृति मिली थी। इसके अलावा हाईस्कूल स्तर पर आईटी व रिटेल की पढ़ाई भी होती है। हालांकि करीब पांच वर्ष से यहां कई शिक्षकों के पद रिक्त हो गए। तब से उन पदों पर नवीन तैनाती नहीं हो सकी।
हाईस्कूल स्तर पर अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान व गृह विज्ञान विषय पद पर तैनाती तो है, लेकिन हिंदी, विज्ञान, गणित, संस्कृत और कला आदि विषयों के शिक्षकों के पद खाली हैं। वहीं इंटर में जीव विज्ञान के विषय के अलावा हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, नागरिक शास्त्र, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व गणित समेत नौ विषय के अध्यापकों के पद खाली हैं। इसके अलावा कार्यालय लिपिक का एक पद और चतुर्थ श्रेणी के दो पद खाली हैं।
इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों व कर्मियों का पद खाली होने के चलते बालिकाओं को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य को झटका लग रहा है। ऐसा नहीं कि यहां शिक्षकों की तैनाती की मांग नहीं उठी। कई बार अभिभावकों व विद्यालय प्रबंधन ने शिक्षकों की तैनाती कराने पर जोर दिया। लेकिन इसे लेकर कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। अभिभावक महेश कुमार, कुलदीप वर्मा, चंद्रशेखर तिवारी, मनोज विश्वकर्मा आदि का कहना है कि जिम्मेदारों को यहां अविलंब खाली पड़े पदों को भरना चाहिए, जिससे छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिले।
लगातार घट रही छात्र संख्या
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कई विषयों के शिक्षकों की तैनाती न होने का असर छात्राओं की संख्या पर भी पड़ रहा है। बेहतर शिक्षा न मिल पाने के चलते प्रत्येक वर्ष कई छात्राएं यहां से दूसरे विद्यालय में दाखिला कराने को मजबूर हैं। इसी का नतीजा है कि मौजूदा समय में कुल 198 छात्राएं विद्यालय में रह गई हैं। दरअसल जिन विषयों के शिक्षक यहां नहीं है उन विषयों की शिक्षा के लिए संबंधित छात्राओं को खासी मुश्किल होती है। उन्हें या तो कोचिंग का सहारा लेना पड़ता है या फिर घर पर ही खुद से पढ़ाई करनी पड़ती है। इन्हीं सब मजबूरियों के चलते छात्राएं दूसरे स्कूल में दाखिला करना बेहतर समझ रहीं।
निदेशालय को भेजा गया है पत्र
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज आलापुर में शिक्षकों व कर्मचारियों के खाली पदों को भरने के लिए शिक्षा निदेशालय को पत्र भेजा गया है। अन्य प्रक्रिया अपनाई जा रही है। -गिरीश सिंह, डीआईओएस